रायबरेली। मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना का लाभ पंचायतों को देने में बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह सहित तीन अफसर रोड़ा बन गए हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद मानकों की जांच करके 26 अधिकारियों को पांच दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए थे, लेकिन इन लापरवाह अफसरों ने 30 दिन में भी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई है। ऐसे में शासन स्तर से पुरस्कार की घोषणा में देरी होने की संभावना है।
जिले में योजना के तहत वर्ष 2022-22 के लिए ऊंचाहार, सरेनी, सलोन, रोहनिया, राही, महराजगंज, खीरों, डीह, लालगंज, अमावां, बछरावां, डलमऊ, दीशाह गौरा ब्लॉक की 78 पंचायतों से ऑनलाइन आवेदन किया था।
मानकों को पूरा करने वाली 30 पंचायतों को चिह्नित करके जांच के लिए 13 ब्लॉकों की पंचायतों के लिए 26 अधिकारियों को बीती तीन अक्तूबर को जांच करके पांच दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए थे। 23 अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट तो दे दी है, लेकिन तीन अधिकारी अब तक रिपोर्ट देने में नाकाम हैं।
बीएसए ने लालगंज ब्लॉक के उड़वामऊ, मुस्ताफाबाद बेलहनी, बरहा, हरीपुर, झाबड़पट्टी हरदो, धन्नीपुर और बेमौरा महेशखेड़ा, डीएसओ ने दीनशाह गौरा ब्लॉक के हमीरमऊ, अंबारा मथई और जिला उद्यान अधिकारी ने अमावां ब्लॉक के ओया, डिडौली और गोहन्ना की रिपोर्ट अब तक नहीं दी है।
सभी पंचायतों की रिपोर्ट न आने के बाद डीएम की अध्यक्षता की कमेटी जिले स्तर से पुरस्कार के लिए पंचायतों के चयन का काम पूरा नहीं कर पा रही है। इससे शासन की मंशा तार-तार हो गई है। डीपीआरओ गिरीशचंद्र ने बताया कि तीन अधिकारियों ने अब तक रिपोर्ट नहीं दी है। संबंधित अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है, जिससे जिले स्तर से पुरस्कार के लिए पंचायतों के चयन का काम पूरा किया जा सके।