रायबरेली। ग्राम पंचायतों में भुगतान करने में मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। शासनादेश के विपरीत ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में मनमाने तरीके से प्रधान और सचिव भुगतान कर रहे हैं। बिना गेटवे पर लॉगिन किए और कार्यों के बिल वाउचर ऑनलाइन न करके भुगतान करने का मामला पकड़ में आने के बाद 42 पंचायतों के प्रधानों और सचिवों से जवाब तलब किया गया है। सभी को तीन दिन में जवाब देने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पंचायती राज विभाग की ओर से संचालित योजनाओं राज्य वित्त, 14वें वित्त व अन्य योजनाओं में भुगतान गेटवे पर लॉग इन करने के बाद ही करने के आदेश दिए गए हैं। पंचायत भवनों में पंचायत सहायकों के माध्यम से ही शत प्रतिशत भुगतान के आदेश हैं।
जिले में नौ सितंबर से 16 सितंबर के के बीच किए गए भुगतान की समीक्षा की गई तो 42 ग्राम पंचायतों में मनमानी पकड़ में आई। जगतपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत टिकठा मुसल्लेपुर, शंकरपुर, कजियाना, सलोन ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेवली व ममुनी, दीनशाह गौरा की ग्राम पंचायत थुलरई, बछरावां ब्लॉक की ग्राम पंचायत रैन, सरेनी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बैरवा, रोहनिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरेनी, हरचंदपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत डिघौरा सोममऊ में प्रधानों सचिव ने मनमानी करते हुए भुगतान में गेटवे का प्रयोग नहीं किया। संबंधित पंचायतों के प्रधानों और सचिवों को नोटिस देकर जवाब देने में मांगा गया है।
इसके अलावा जिले की ग्राम पंचायतों ज्योना, लालापुर, देवगांव रालपुर, धूता, मऊ सहित 31 पंचायतों मे गेटवे का प्रयोग तो किया गया, लेकिन बिल वाउचर ऑनलाइन नहीं किया गए। डीपीआरओ ने सहायक विकास अधिकारियों के माध्यम से संबंधित पंचायतों के प्रधानों व सचिवों से तीन दिन में जवाब लेकर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं।
अफसर के गंभीर होने के बाद मनमानी कर रही ग्राम पंचायतों के प्रधानों, सचिवों और ब्लॉकों के अन्य अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। डीपीआरओ गिरीशचंद्र का कहना है कि आदेश के बाद भी ग्राम पंचायतें गेटवे के माध्यम से भुगतान नहीं कर रही है। मनमानी मिलने के बाद 42 ग्राम पंचायतों के प्रधानों व सचिव से जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।