रायबरेली। डी फार्मा छात्र आदित्य हत्याकांड के मामले में चार साल बाद शनिवार को मुख्य आरोपी सोमू ढाबा के मालिक सुरेश यादव के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की गई।
पुलिस ने सुरेश की 6.3 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त कर ली। गैंगस्टर अधिनियम के तहत पुलिस ने चार दुकानें और छह भूखंड कुर्क किए। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
महराजगंज के सिकंदरपुर गांव निवासी डी-फार्मा छात्र आदित्य सिंह की नौ अक्तूबर 2019 की रात हत्या कर दी गई थी। उसका शव हरचंदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गढ़ी खास गांव के पास रोड पर पड़ा मिला था।
मामले में मिल एरिया थाना क्षेत्र के रतापुर निवासी सोमू ढाबा के मालिक सुरेश यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जेल भेजा गया था। मामले ने काफी तूल पकड़ा था। मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद बड़ी कार्रवाई की गई थी। कई दोषी पुलिस कर्मियों पर भी गाज गिरी थी।
सीओ महराजगंज रामकिशोर सिंह, हरचंदपुर थानेदार संजय कुमार के अलावा सीओ सदर वंदना सिंह, सदर कोतवाल राघवन कुमार सिंह, मिल एरिया पुलिस शाम करीब चार बजे रतापुर चौराहा पहुंची।
पुलिस ने डुग्गी पिटवाने के बाद डी फार्मा छात्र की हत्या के मुख्य आरोपी की लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित चार दुकानें के अलावा छह भूखंड को कुर्क करते हुए नोटिस चस्पा कर दी।
सीओ महराजगंज ने बताया कि छह करोड़ तीन लाख पांच हजार रुपये कीमत की दुकानें और भूखंड को कुर्क किया गया है।
गैंगस्टर अपराधी सुरेश यादव शातिर किस्म के आपराधिक संगठित गिरोह का सदस्य है, जो अपने लोगों के साथ मिलकर अपराध व दबंगई के बल पर समाजविरोधी क्रियाकलाप करता है।
उसके ऊपर हत्या, लूट जैसे संगीन अपराध दर्ज हैं। आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए अवैध तरीके से गैंग बनाकर मारपीट, गालीगलौज, बंधक बनाना, लूूट करना और विरोध करने वालों की हत्या कर देना उसका पेशा है। इस सबको देखते हुए उसकी संपत्ति को कुर्क किया गया है।