रायबरेली। छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में हुए विवादित ढांचा ध्वंस मामले में शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित विशेष कोर्ट में सुनवाई टल गई। ऐसा अभियोजन पक्ष सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक के मौजूद न होने की वजह से हुई। गौरतलब है कि कोर्ट को बचाव पक्ष के उस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करनी है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में सीबीआई की ओर से दाखिल एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) को देखते हुए कार्यवाही की याचना की गई है। विशेष मजिस्ट्रेट गोपाल तिवारी ने अभियोजन के स्थगन प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए मामले में सुनवाई के लिए अगली तारीख पांच जुलाई तय कर दी है।