लालगंज। पुलिस ने बुधवार को मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर 10 लोगों के विरुद्ध अपहरण करने और हरिजन एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सूदनखेड़ा मजरे आलमपुर गांव निवासी रामशंकर ने बताया कि उसकी पुत्री बैसवारा पीजी कॉलेज में बीए की छात्रा है। 27 मार्च 2014 को सुबह वह परीक्षा देने के लिए घर से कॉलेज गई थी। उसके बाद से वह नहीं लौटी। शाम को वह अपने भतीजे संग पुत्री की खोजबीन करने कॉलेज गया। वहां बाहर मौजूद सूदनखेड़ा निवासी ब्रह्मप्रकाश, देवेंद्र बहादुर सिंह, कोटेदार संतराज, कोरिहाई मोहल्ला निवासी यतीन सिंह चौहान, साकेत नगर मोहल्ला निवासी रिंकू सिंह, सोहाईबाग निवासी वृंदावन उर्फ लालजी यादव, ओमप्रकाश, पूरे नरपत मजरे कुम्हड़ौरा निवासी छंगा सिंह जातिसूचक गालियां देने लगे। रामशंकर ने बताया कि आरोपी सभी मुकदमे वापस लेने की धमकी दे रहे थे। आरोपियों ने यह भी कहा कि उसकी पुत्री का अपहरण कर लिया गया है। अब वह नहीं मिलेगी। पीड़ित ने बताया कि 7 अप्रैल को भतीजे की पत्नी के अपहरण की धमकी भी दी थी। आरोपियों ने पूरे परिवार को पेट्रोल डालकर जलाकर मार डालने की धमकी दी थी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो उसने आयोग को पत्र भेजा।