रायबरेली। वीआईपी जिले के किसानों को कई समस्याएं झेलनी पड़ रही है। गेहूं की फसल के बाद अब धान की फसल की रोपाई शुरू होनी है, लेकिन इससे पहले ही किसानों के सामने बीज का संकट खड़ा हो गया है। बीज न मिलने के कारण किसान धान की बेड़न नहीं डाल पा रहे हैं। चहेतों के हाथ ही बीज थमाया जा रहा है। ऐसे में किसान महंगे दामों में बाजार से बीज खरीदने को मजबूर है। देहात क्षेत्र के कई ऐसे कृषि बीज भंडार हैं, जहां पर ताला लटकता रहता है। इससे बीज लेने पहुंचने वाले किसानों को मायूस होकर घर लौटना पड़ता है। जिले में एक लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल से अधिक में धान की फसल की रोपाई की जाती है। धान की रोपाई करने के पहले बेड़न डाली जाती है। जिले के बछरावां, हरचंदपुर, महराजगंज क्षेत्र में सबसे अधिक धान की फसल का उत्पादन होता है। जिले के 18 ब्लॉकों में राजकीय कृषि बीज भंडार है, जहां से किसानों को बीज उपलब्ध कराया जाता है। गेहूं की फसल की कटाई-मड़ाई हो चुकी है। अब धान की बेड़न डालने की तैयारी में किसान जुटे हैं, लेकिन उन्हें धान का बीज नहीं मिल पा रहा है। बिना सेटिंग-गेटिंग के धान का बीज मिलना आसान नहीं है।