रायबरेली। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित योजनाओं के कार्यों का ऑडिट न कराने पर स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने अमावां के सीएचसी अधीक्षक को तलब किया है। लखनऊ से आई ऑडिट करने वाली टीम की शिकायत पर प्रमुख सचिव ने यह कदम उठाया। उन्होंने सीएचसी अधीक्षक को सभी अभिलेखों के साथ मुख्यालय आने को कहा है। बताते हैं कि अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। इस बात को लेकर स्वास्थ्य विभाग में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वित्तीय वर्ष 2011-12 में एनआरएचएम के तहत कराए गए कार्यों का सत्यापन करने के लिए लखनऊ से टीम आई थी। साठगांठ से जिले की सभी सीएचसी व पीएचसी ने कार्यों की ऑडिट करवा ली, लेकिन अमावां सीएचसी अधीक्षक ने ऑडिट कराना उचित नहीं समझा। उन्हें अभिलेखों की जांच करानेे के लिए बार-बार बुलाया गया, लेकिन उन्होंने अधिकारियों के आदेशों को दरकिनार कर दिया। टीम अमावां को छोड़ अन्य सभी सीएचसी व पीएचसी के अभिलेखों की पड़ताल करने के बाद वापस लौट गई। बताते हैं कि लखनऊ पहुंचनेे के बाद ऑडिट टीम ने प्रमुख सचिव से मामले की शिकायत दर्ज करा दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव ने अमावां के सीएचसी अधीक्षक को मुख्यालय बुलाया है। निर्देश मिलने के बाद अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।