इसरौली (बाराबंकी)। गुरुवार को माइनर कटने से मची तबाही के दूसरे दिन एक बार फिर शारदा नहर से निकली देवखरिया माइनर बृहस्पतिवार की देर रात बिलौली गांव के निकट कट जाने से करीब दो दर्जन किसानों की लगभग ढाई सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों की सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। ग्राम बिलौली हजरतपुर के पास बृहस्पतिवार की रात शारदा नहर से निकली देवखरिया माइनर कट जाने से किसान कोईली राम, संजीव कुमार, रामनाथ, रघुराज, कमलेश, राम सिंह, रामकुमार, भोला, अमर सिंह, पंकज, राकेश, छन्नू लाल आदि करीब दो दर्जन किसानों की गेहूं, सरसों, आलू की लगभग ढाई सौ बीघा फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने इसकी सूचना नहर विभाग के कर्मचारियों को दी, लेकिन मौके पर कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा था। इन किसानों ने बताया कि गांव के बाबादीन ने माइनर के बीच में पाट लगा रखा है जिसके कारण माइनर कट गई है। सूचना पर नहर विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच कर पानी बंद करा देते तो शायद इतना नुकसान नहीं होता। नहर कटने के 12 घंटे बाद जब कोई कर्मचारी मौके पर नही पहुंचा तो किसानों ने काफी मशक्कत से पानी के बहाव को रोका। एसडीएम प्रेम प्रकाश पाल ने बताया कि ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है। शिकायत की जांच करा कर किसानों को लाभ दिलाने का प्रयास करेंगे।