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विकास भवन में धरने पर डटी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

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विकास भवन में धरने पर डटी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
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रायबरेली। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का धरना विकास भवन परिसर में 33वें दिन गुरुवार को भी जारी रहा। संघ की जिलाध्यक्ष लीना पांडेय और महामंत्री सीता सिंह ने कहा कि इंदिरा गांधी ने एकीकृत बाल विकास परियोजना इस उद्देश्य से शुरू की थी कि पिछड़े वर्ग के उपेक्षित बच्चे, गर्भवती महिलाओं का संपूर्ण विकास हो सके। शुरुआत में महिलाओं को मानदेय पर रखा गया था। इंदिरा गांधी के बाद जो भी प्रधानमंत्री आए, किसी ने भी इस परियोजना की तरफ ध्यान नहीं दिया। यह भी नहीं सोचा कि दो-चार हजार रुपये में महिलाओं का जीवन-यापन कैसे चलेगा। वर्तमान सरकार ने तो बजट भी कम कर दिया है। अब तो यह स्थिति है कि छह-छह महीने का मानदेय मिलना मुश्किल हो गया है। इस मौके पर ममता श्रीवास्तव, ममता चौरसिया, रचना श्रीवास्तव, प्रेमलता मिश्रा, मधु, प्रियंका सिंह, बीना सिंह, ममता देवी, शर्मिला, नीलम यादव, कलावती, अर्चना श्रीवास्तव, सुनीता देवी, जमुना देवी, गायत्री पांडेय आदि मौजूद रहीं।
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