बेहद फिल्मी अंदाज में खुद को कभी विलेन तो कभी हीरो दिखाने की चाह में युवा सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं। रील लाइफ में डूबे युवा जब रियल लाइफ से रूबरू होते हैं, तब तक देर हो चुकी होती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तमंचा हाथ में लेकर तस्वीर तथा फेसबुक रील बनाने का शौक पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने के लिए बाध्य कर रहा है।
जनवरी से जून तक अलग-अलग गांव में रहने वाले किशोर व युवा असलहे का शौक रखने की जिद में पुलिस का सिरदर्द बढ़ाए रखा है। ऐसे युवा हाथ में तमंचा लेकर अपनी तस्वीर तथा भोजपुरी गीत जोड़ कर फेसबुक रील बनाकर वायरल करने की वजह से अपराध के दलदल में फंसे हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर फजीहत झेलने के बाद मजबूर क्षेत्रीय पुलिस इनके परिजनों पर गिरफ्तारी का दबाव बनाती है।
पुलिस बड़ी तेजी से असलहा संग तस्वीर तथा वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों की गिरफ्तरी करती है। जल्दबाजी में पुलिस उन्हें गिरफ्तार तो कर लेती है लेकिन सवाल यह है कि ऐसे आरोपियों को तमंचा कौन पकड़ा रहा है। फिलहाल पढ़ाई की उम्र में असलहों का शौक के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई पर एक नजर
जनवरी से जून तक पुलिस ने मानधाता थाना क्षेत्र के एक किशोर तथा चार युवाओं की तमंचा संग तस्वीर वायरल होने पर मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को जेल भेजा है। कोहंड़ौर से दो, कंधई से पांच, नगर कोतवाली से दो, देल्हूपुर से तीन, संग्रामगढ़ से एक, सांगीपुर से दो, लीलापुर से एक, दिलीपपुर थाना क्षेत्र से एक आरोपी को पुलिस ने केस दर्ज कर जेल भेजा है।