स्थानीय थाना क्षेत्र के कुटिलिया स्थित ईंट भट्ठे पर दो माह से बंधक बनाए गए मजदूरों को पुलिस ने रविवार को मुक्त करा दिया। एसपी के आदेश पर सख्त हुई इलाकाई पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि अभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है। छत्तीसगढ़ के जिला विलासपुर थाना मस्तुरी गांव विनैका निवासी पिंटू, मुकेश, सत्यनारायण, सुग्गा, दीनू, गुलाबो, रामेश्वरी, राजकुमार, आरएन, दामोदर, राजकुमारी का आरोप है कि कुटिलिया स्थित ईंट भट्ठा मालिक उन्हें बंधक बनाकर दो माह से काम ले रहा था।
कई बार उन लोगों ने वहां से निकलने का प्रयास किया लेकिन भट्ठा मालिक ने उनकी निगरानी में अपने गुर्गे लगा दिए। विरोध करने पर दो तीन दिन तक खाना तक नहीं देते थे। किसी तरह मामले की जानकारी पर मजदूर के परिजनों को हुई। तो उन्होंने रविवार की सुबह फैक्स भेजकर एसपी को मामले से अवगत कराया। मजदूरों को बंधक बनाए जाने की जानकारी होने पर एसपी ने इलाकाई पुलिस को मौके पर जाकर जांच का आदेश दिए। भट्ठे पर पहुंची पुलिस ने मजदूरों को उनके चंगुल से छुड़ा कर एसपी कार्यालय ले आई। यहां से सभी को कड़ी सुरक्षा के बीच इलाहाबाद में जंक्शन स्टेशन ले जाया गया। वहां से सभी को ट्रेन से विलासपुर भेजा गया। उधर, भट्ठा मालिक का कहना है कि मजदूरों को उन्होंने बंधक नहीं बनाया था बल्कि विलासपुर का ही एक ठेकेदार इन लोगों को यहां लेकर आया था। मजदूरों के काम करने के लिए उन्होंने ठेकेदार को तीन लाख रुपये भी दिए थे।