सोलह शृंगार कर महिलाएं अपने सुहाग की सलामती और लंबी उम्र के लिए हरितालिका तीज पर निर्जला व्रत रखेंगी। शुक्रवार को होने वाले इस त्योहार से पहले बाजारों में महिलाओं ने मेंहदी लगवाई, पूजन सामग्री व शिव-पार्वती की मूर्तियां खरीदीं। चौक, सदर बाजार, श्रीराम चौराहा, पंजाबी मार्केट, बाबागंज समेत अन्य बाजारों में देर शाम तक महिलाओं की भीड़ जुटी रही।
पंजाबी मार्केट में भगवान शिव-पार्वती की मूर्तियाें की कई दुकानें सजी रहीं। सुभाष चौक पर सुहागिनों ने अपने हाथों पर पिया के नाम की मेंहदी रचवाई। गांवों में भी महिलाओं ने बाजारों में पहुंचकर व्रत के लिए खरीददारी की।
माता पार्वती ने रखा था भगवान शिव के लिए पहला व्रत
ज्योतिषाचार्य विजय विवेकानंद ने बताया कि सुहागिन महिलाएं हरितालिका तीज पर शाम को भगवान शिव-पार्वती की पूजा करतीं हैं। मान्यता है कि सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए यह व्रत रखा था। हरितालिका तीज का शृंगार हाथ में मेंहदी लगाए बिना पूरा नहीं माना जाता है।