अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मंगलवार को विभिन्न संगठन के लोगों ने समाज में कीर्तिमान रच कर देश का नाम ऊंचा करने वाली महिलाओं को याद किया। लोगों ने कहा कि महिलाएं समाज की सच्ची शिल्पकार होती हैं। जिला महिला कांग्रेस कमेटी की बैठक संसदीय कार्यालय में हुई। इस मौके पर महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरोज कश्यप ने कहा कि महिलाएं पुरुषों से किसी भी स्तर पर कम नहीं हैं। इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग की। वीएस मेमोरियल पब्लिक स्कूल सिविल लाइंस में संगोष्ठी का आयोजन कर महिलाओं के कार्यों की सराहना की गई। जागृति गर्ल्स इंटर कालेज में बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सृजना साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में महिला दिवस पर ‘पीढ़ी की निर्माता नारी’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर पूर्व सूचना आयुक्त ज्ञान प्रकाश मौर्य ने कहा कि नारी से सृष्टि है और सृष्टि से ही सभ्यता है। मां के रूप में वह बच्चों को संस्कार देती है।
संविधान में उसे बराबर का दर्जा मिला है। उसका उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। शहर के मीराभवन में सभासद माधुरी सिंह की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज कन्याओं का अभाव हो रहा है। भ्रूण हत्या इसका मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ग्रहण महिलाएं समाज में अपना स्थान बना सकती हैं। संडवा चंद्रिका ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बरिस्ता में जन शिक्षण संस्थान द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्मिता पाल ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के प्रेम, त्याग, आत्मविश्वास एवं समाज के प्रति समर्पण एवं सम्मान की भावना से है। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मंगरौरा में महिला दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर राकेश कनौजिया ने कहा कि महिलाओं से ही देश का भविष्य है। वार्डेन तैयबा अब्बासी ने विद्यालय की छात्राओं को सम्मानित किया। इस मौके सुनीलदत्त, मृदुला सिंह, उमा पांडेय, प्रीति, राघवेंद्र, रेखा प्रेमा आदि मौजूद रहीं। होली फेथ पब्लिक स्कूल सियाराम कालोनी में विद्यालय के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। प्रबंधक अनुपमा पांडेय ने बच्चों को पुरस्कृत किया।