कृषि विभाग महिला किसानों को सरसों की डंठल से जैविक खाद बनाने का प्रशिक्षण देगा। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि ग्रामीणांचल में अक्सर सरसों के डंठल को कूड़ा समझकर फेंक दिया जाता है। ईंट भट्ठा संचालक भी डंठलों की औने-पौने दाम पर खरीदारी कर लेते हैं, लेकिन यही डंठल किसानों की आमदनी का जरिया भी बन सकता है। जैविक खाद बनाने के लिए कम गहराई वाले गड्ढे की खुदाई की जाएगी। गड्ढे में डंठलों को रखकर तीन इंच मिट्टी से ढक दिया जाएगा। उसके बाद हल्का पानी डालकर छोड़ देना होता है। दो माह बाद डंठल सड़कर जैविक खाद बन जाता है। गड्ढे से खाद को निकालकर खेती में प्रयोग किया जा सकता है। पहले चरण में 34 महिला किसानों को कृषि भवन सभागार में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक से दो महिला किसानों को चिह्नित किया जा रहा है।