काम पर जाते समय खाना बनाने के लिए बीवी नहीं उठी तो शौहर ने फांसी लगाकर जान दे दी। शौहर सतहरिया में सिलाई का काम करता था। उसका शव कमरे मे बल्ली के सहारे फंदे से लटका मिला। उसकी मौत के बाद परिजन रोने-बिलखने लगे।
पट्टी कस्बा स्थित कांशी राम काॅलोनी के निकट मकान बनाकर जौनुपर के सुजानगंज थाना क्षेत्र के नगौली निवासी इरफान (45) रहता था। वह सतहरिया में सिलाई का काम करता था। बुधवार की शाम वह काम से घर लौटा। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। पड़ोसियों के अनुसार बृहस्पतिवार को भोर में करीब चार बजे वह उठा। चूंकि उसे सतहरिया जाना था, इसलिए उसने पत्नी परमीना को खाना बनाने के लिए आवाज दी। पत्नी ने थोड़ी देर बाद आकर खाना बनाने की बात कही और फिर सो गई। जब उसकी आंख खुली तो चीख पड़ी। कमरे में बल्ली के सहारे इरफान लटका था। परमीना का दहाड़ मारकर रोना सुनकर परिजनों के साथ पड़ोसी वहां आ गए। इरफान को नीचे उतारा गया। तब तक उसका शरीर शांत हो चुका था।
इरफान की मौत सूचना पर रिश्तेदार भी पहुंचे। खबर मिलने पर पुलिस भी आई। छानबीन के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और परिजनों से पूछताछ की। फांसी लगाकर जान देने वाले इरफान के तीन बेटे अकबर, जीशान और शहंशाह हैं। पत्नी परमीन का रो-रोकर उस घड़ी को कोस रही थी, जब उसे नींद आ गई। पट्टी कोतवाल नंदलाल सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया घरेलू कलह से तंग होकर आक्रोश में इरफान ने आत्माघाती कदम उठाने की बात सामने आई है। घटनाक्रम की जांच और बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।