शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद पुलिस ने राधिका को हिरासत में लेकर पूछताछ करने लगी। हालांकि राधिका बहानेबाजी करती रही। पुलिस ने उसके मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो भेद खुल गया। इस बीच मृतक के बेटे अर्पित व अर्जित ने पूछताछ के दौरान जो जानकारी दी, उससे घटना से पर्दा लगभग हट गया।
सूत्रों के अनुसार बुधवार की रात कटरामेदनीगंज का रहने वाला प्रेमी राधिका के घर गया था। अचानक पिंटू भी घर आ गया। इस पर नाराजगी जताते हुए पिंटू पत्नी से विवाद करने लगा। इस दौरान पत्नी व प्रेमी के साथ मिलकर मफलर से पिंटू का गला कसकर उसे मौत के घाट उतार दिया। कुछ देर बाद प्रेमी ने अपने तीन साथियों को भी बुला लिया। सभी ने मिलकर शव उठाया और सरसों के खेत में फेंक दिया। ताकि लोगों को उन पर शक न हो।
पुलिस के मुताबिक सख्ती के बाद राधिका भी टूट गई और अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। जिसके बाद पुलिस ने प्रेमी संग उसके एक दोस्त को दबोच लिया। जबकि शव ठिकाने लगाने में शामिल दो आरोपी घर से फरार मिले। पुलिस हिरासत में पति की हत्या में शामिल पत्नी राधिका के चेहरे पर कोई शिकन नहीं नजर आई। पिंटू के दोनों बेटों को बाबा अपने साथ घर ले गए।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद पिता सीताराम सरोज व भाई विजय कुमार शव लेकर घर चले गए। जहां देर शाम गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। नगर कोतवाल ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
साहब, मेरा बेटा दोषी है तो इसे सजा जरूर मिले
नगर कोतवाली के कटरामेदनीगंज नगर पंचायत में बृहस्पतिवार की रात पुलिस ने आरोपियों के घर पर दबिश दी। एक आरोपी पुलिस के हाथ लग गया, मगर मुख्य आरोपी घर से फरार मिला। मोहल्ले के लोगों के अनुसार प्रेमी के पिता ने पुलिस अफसर के सामने कहा कि यदि उसका बेटा दोषी है तो उसे सजा जरूर मिले। जैसे ही वह घर पहुंचा, उसने बेटे को पुलिस के हवाले कर दिया। इस बात की इलाके में खासी चर्चा है।