किसान परेशान, जनप्रतिनिधि से लेकर अफसर तक नहीं दे रहे ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
सुवंसा। शारदा नहर से निकली गौरा रजबहा छोटी नहर सूखी पड़ी है। इससे धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। किसान परेशान हैं। सिंचाई विभाग के जिम्मेदार से लेकर जनप्रतिनिधि तक इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शारदा नहर से संबद्ध गौरा रजबहा नहर भवानीगढ़, थरिया, गौरा, फतनपुर, नाथ का पूरा होते हुए नारायणपुर खुर्द में जाकर समाप्त होती है। इस नहर से हजारों एकड़ जमीन की सिंचाई होती है। इसमें अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। इतनी बारिश भी नहीं हो रही है कि नहर के पानी की जरूरत न पड़े। पानी के अभाव में गौरा ब्लॉक में अभी तक 50 फीसदी भी धान की रोपाई नहीं हो पाई है। निजी संसाधनों से धान की रोपाई बहुत महंगी पड़ जाएगी। वहीं नहर विभाग के अवर अभियंता संजय गौड़ ने बताया कि मड़ियाहूं ब्रांच का पानी डेढ़ मीटर गेज पर चल रहा है। जब यह दो मीटर गेज आ जाएगा तो पानी छोड़ा जाएगा। यह पानी 25 जुलाई तक जौनपुर जाएगा, उसके बाद ही संबद्ध नहर में पानी छोड़े जाने की उम्मीद है।
क्या बोले लोग
धान की रोपाई का समय है। नहर में पानी की जगह धूल उड़ रही है। इससे धान की रोपाई नहीं हो पा रही है।
रामसहाय यादव, उड़ैचा
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सप्ताहभर के भीतर यदि नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान आदोलन करेंगे। धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
राम सिंह यादव , फतनपुर
गौरा रजबहा सूखी हुई है। इसके चलते हम धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। खेती पिछड़ रही है। कई बार शिकायत भी की गई, मगर अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
रमाकांत, चंदा का पूरा
जनप्रतिनिधि और सिंचाई विभाग के अफसरों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। नहरों में पानी न छोड़े जाने के कारण धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
राजा राम धुरिया, पटहटिया कला ।