स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी को घूस लेते सतर्कता टीम (विजिलेंस) ने गिरफ्तार कर लिया। सीएमओ कार्यालय में तैनात इस अधिकारी ने एक पुलिस कर्मी से मेडिकल प्रतिपूर्ति पास करने के बदले 40 हजार रुपये की मांग की थी। जिसकी शिकायत पीड़ित ने विजिलेंस के एसपी से की थी।
मूलत: प्रयागराज की रहने वाली भावना भारती कोहड़ौर सीएचसी में स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी के पद पर तैनात थी। विभागीय कर्मचारियों के अनुसार दो साल पहले तत्कालीन सीएमओ रहे डॉ. एके श्रीवास्तव ने भावना भारती को सीएमओ कार्यालय अटैच कर लिया था। भावना को मेडिकल प्रतिपूर्ति पास करने की जिम्मेदारी सीएमओ ने दी थी। मेडिकल प्रतिपूर्ति के नाम पर वह लोगों से रुपये की मांग करती थीं। उन्होंने एक पुलिस कर्मी से मेडिकल प्रतिपूर्ति पास करने के लिए 40 हजार रुपये मांग की। पुलिसकर्मी ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग के एसपी से की। शुक्रवार दोपहर सतर्कता विभाग की टीम सीएमओ कार्यालय पहुंमी। विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर पीड़ित को 40 हजार रुपये थमाया। पुलिसकर्मी ने जैसे ही रुपये महिला कर्मचारी को थमाया। उसी समय टीम ने स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी को पकड़ लिया। उसे लेकर टीम के लोग सीधे पुलिस लाइन पहुंचे। कोतवाली पुलिस भी कार्रवाई से अंजान रही। इस बात की चर्चा होती रही कि उसे लेकर सतर्कता विभाग की टीम प्रयागराज होते हुए गोरखपुर चली गई। सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ल ने कहा कि विजिलेंस टीम कार्यालय से रिश्वत लेने के मामले में भावना को लेकर गई है। जांच रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ कार्यालय में अटैच हैं दो और स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी
अलग-अलग सीएचसी पर तैनात दो और स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी सीएमओ कार्यालय में अटैच हैं। जहां पर तैनाती हुई है वहां कभी नहीं जाते हैं। इससे दो सीएचसी पर स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी का पद रिक्त है। वहां के लोग परेशान होते हैं लेकिन अफसर इस ओर ध्यान नहीं देते हैं।