-बाजार में जल्द होगी उपलब्ध, छिड़काव के बाद बीस दिन तक हरी-भरी रहेंगी फसलें
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। किसानों के लिए खुशखबरी है कि जल्द ही सरकारी बिक्री केंद्रों पर यूरिया गोल्ड जल्द पहुंचने वाली है। यूरिया गोल्ड, यूरिया की एक नई प्रजाति है, जो सल्फर कोटेड यूरिया है। इसलिए इसे सल्फर यूरिया भी कहते हैं। इसके इस्तेमाल से पौधों में नाइट्रोजन की क्षमता बढ़ती है. इससे पौधों का विकास अच्छे तरीके से होता है और उपज भी बढ़िया होती है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक यूरिया गोल्ड किसानों को कुबेर बनाएगी। उनकी मेहनत से उगाई गई फसलों की उपज भी बढ़ाएगी।
एक सल्फर कोटेड यूरिया गोल्ड के प्रयोग से मिट्टी में सल्फर की कमी दूर होगी। वहीं, सल्फर कोटेड यूरिया, नीम कोटेड यूरिया की तुलना में अधिक किफायती और अच्छी है। यूरिया गोल्ड में 37 प्रतिशत नाइट्रोजन और 13 प्रतिशत सल्फर है। यह नाइट्रोजन को धीमी गति से रिलीज करने में मदद करता है, जिससे मिट्टी में उपलब्धता और उपयोग की क्षमता बढ़ जाती है।
यूरिया गोल्ड का छिड़काव करने से खेतों में लगभग बीस दिनों तक हरियाली बरकरार रहेगी। सामान्य यूरिया के छिड़काव से सामान्यतय: दस दिनों तक ही हरियाली रहती है।
27 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरिया गोल्ड को लांच करके देश में बिक्री की हरी झंड़ी दे दी थी। जिले के बिक्री केंद्रों पर जल्द ही यूरिया गोल्ड पहुंचने वाली है। हालांकि अभी दाम निश्चित नहीं किया गया है। 45 किग्रा की बोरी में आने वाली यूरिया गोल्ड पर भी सब्सिडी जारी रहेगी। फिलहाल अफसरों का मानना है कि सामान्य यूरिया से अधिक दाम होने की संभावना नहीं है।
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यूरिया गोल्ड से किसानों को क्या मिलेगा फायदा-
0 फसल की गुणवत्ता बढ़ जाएगी।
0 मिट्टी में सल्फर की कमी नहीं होगी।
0 मिट्टी की उर्वरा क्षमता बढ़ जाएगी।
0 15 किग्रा यूरिया गोल्ड, 20 किग्रा पारंपरिक यूरिया के बराबर है।
0 यूरिया के लागत में कमी आएगी।
0 खेतों में उर्वरक की खपत कम होगी।
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मिट्टी में खनिज और सल्फर की कमी होने से उत्पादकता पर असर पड़ता है। यूरिया गोल्ड सल्फरयुक्त होने से खेतों की हरियाली अधिक दिनों तक बरकरार रहने के साथ ही उत्पादकता का अधिक लाभ मिलेगा।
अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी