राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में शनिवार देर रात मारपीट व हंगामे के बाद घायल मजदूर सूरज (18) ने इलाज के दौरान रविवार भोर में दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर गए, लेकिन अंतिम संस्कार नहीं किया। बवाल की आशंका में पुलिस मुस्तैद रही।
बताया जाता है कि जेठवारा थाना क्षेत्र के नगियापुर पर्वतपुर निवासी सूरज (18) रोजी रोटी के सिलसिले में पहले पूर्व प्रधान अजय सिंह के भट्ठे पर काम करता था। कुछ दिनों पहले वह जयपुर चला गया था। बड़ी बहन रोशनी की दस दिसंबर को शादी है। इसकी तैयारी के लिए सूरज शनिवार को घर आया था। शाम को वह पर्वतपुर स्थित जगदीश सिंह के ईंट भट्ठे से ट्रैक्टर पर बैठकर ईंट गिराने के लिए वैशपुर की ओर जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार रास्ते में वह ट्रैक्टर से गिर गया था।
नौबस्ता के पूर्व प्रधान अजय सिंह उसे लेकर मेडिकल कालेज पहुंचे थे। जहां इलाज को लेकर चिकित्सक संग पूर्व प्रधान से कहासुनी और विवाद हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पूर्व प्रधान को हिरासत में लेकर कोतवाली चली गई। उपचार के दौरान रविवार भोर में सूरज की मौत हो गई।
इससे आक्रोशित परिजन संग पूर्व प्रधान समर्थक समेत अन्य लोग हंगामा करने लगे। परिजनों ने आरोप लगाया कि सूरज की जान को बचाया जा सकता था। सूरज की मां ऊषा देवी का आरोप है कि बेटे की मौत के बाद भी कर्मचारियों ने इंजेक्शन लगाना शुरू कर दिया। जब तक वह जिंदा था, तब तक उसे देखने के लिए कोई नहीं आया। फिलहाल पुलिस की शव के अंतिम संस्कार पर नजर है। सीओ सिटी सुबोध गौतम ने बताया कि तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
बहन रोकती रही, सूरज को खींच ले गई मौत
सूरज दो भाई और एक बहन में दूसरे नंबर का था। पिता रोजी रोटी के सिलसिले से अहमदाबाद में रहते हैं। बहन की शादी के सिलसिले में वह घर आया था। शाम को घर से निकलने के दौरान बहन रोशनी उसे रोकने लगी। मां ने भी जाने से मना किया,लेकिन उसकी मौत उसे ईंट भट्ठे पर खींच ले गई।
हंगामे के बाद इमरजेंसी में पसरा सन्नाटा
पूर्व प्रधान के साथ राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में मारपीट के बाद सन्नाटा पसर गया। बवाल की आशंका के चलते चिकित्सक से लेकर कर्मचारी भयभीत थे। इमरजेंसी कक्ष छोड़कर निकल गए। सुरक्षाकर्मी भी ड्यूटी से गायब रहे। किसी पक्ष से तहरीर नहीं दी गई।
मृतक युवक सूरज। फाइल फोटो- फोटो : PRATAPGARH