अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पारुल वर्मा ने छेड़खानी, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी एवं मारपीट के आरोपी थाना कोतवाली देहात के एक गांव निवासी रामानुज और उनके पुत्र मनीष कुमार को दोषी करार देते हुए दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, आरोपी रामानुज पर 23000 रुपये और मनीष कुमार पर 13000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड से 36000 रुपये पीड़िता को छतिपूर्ति के तौर पर दिए जाएंगे।
वादी मुकदमा ने बताया कि 15 अगस्त 2015 की सुबह 10 बजे वह अपने खेत में घास काट रहा था। गांव के रामानुज मिश्रा, प्रवीण, प्रदीप, आशीष कुमार, ज्ञानेंद्र और मनीष लाठी-डंडों से लैस होकर वहां पहुंचे। उसकी बहु व नातिन को गाली देते हुए उसके ऊपर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बहु व नातिन बचाने दौड़ीं तो उन्हें भी लाठी-डंडे और लात-घूंसों से पीटा।
इसके साथ ही नातिन के कपड़े फाड़ दिए। नातिन किसी तरह बचकर घर पहुंची। वहीं, आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया। राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक देवेश चंद्र त्रिपाठी तथा अशोक त्रिपाठी ने की।