एडीजे और विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो आलोक द्विवेदी ने नाबालिग के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म के आरोपी कंधई इलाके के मोनू सोनी को दोषी पाते हुए 20 वर्ष कारावास तथा बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है । अर्थदंड की संपूर्ण राशि पीड़िता को उसके मानसिक चिकित्सीय आघात और पुनर्वास के लिए दी जाएगी। मुकदमे में नामजद प्रदीप सोनी को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार 18 नवंबर 2015 को शाम छह बजे वादी की नाबालिग बेटी मेला देखने गई थी। मेले में मोनू सोनी से उसकी मुलाकात हुई और वह लड़की को बहला- फुसला कर भगा ले गया।
पीडिता जब बरामद हुई तो उसने न्यायालय में बयान दिया की घटना वाले दिन मुझे मोनू सोनी ने जबरदस्ती अपनी बाइक पर बिठा लिया और ढकवा मोड ले गया, जहां उसका दोस्त प्रदीप सोनी अपने चार पहिया वाहन से मुंबई ले गया। पीड़िता ने बताया कि मोनू ने जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। पीड़िता की ओर से विशेष लोक अभियोजक देवेश चंद्र त्रिपाठी तथा अशोक त्रिपाठी ने आरोपी को कड़ी सजा देने के लिए बहस की।