जिला महिला अस्पताल में मॉ़ड्यूलर ओटी का निर्माण कराने के लिए 12 बरस पहले शासन ने 75 लाख रुपये का बजट दिया था। कार्यदायी संस्था पैक्सपैड को इसका ठेका दिया गया था, जिसने खाते से रूपये निकाल लिए और मॉ़ड्यूलर ओटी का निर्माण कराना भूल गई।
इतना ही नहीं जिस ओटी को मॉ़ड्यूलर बनाने के लिए बजट मिला था, उसे स्वास्थ्य विभाग के जेई अवधेश कुमार ने जर्जर भी घोषित कर दिया गया। लेकिन अफसर कार्यदायी संस्था के खिलाफ लिखा-पढ़ी करना उचित नहीं समझ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज बनने के पहले शासन ने वर्ष 2010 में जिला महिला अस्पताल के ऑपरेशन रूम को मॉ़ड्यूलर ओटी बनाने के लिए टेंडर निकाला था। शासन ने इसे वर्ष 2011 तक तैयार करने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पैक्सपैड को दी थी। संस्था बजट हजम कर गई लेकिन बारह बरस बाद भी ओटी का निर्माण नहीं किया गया।
महिला अस्पताल को हटाकर 100 बेड के नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। सांसद हरिवंश सिंह ने मामले में पत्राचार शुरू किया था। शासन ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी तो उसने रिपोर्ट लगा दी कि कार्यदायी संस्था, ओटी का निर्माण करवा सकती है।
इसके बाद भी निर्माण कार्य कराने के लिए संस्था प्रतापगढ़ नहीं आई। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ.रीना प्रसाद ने कहा, मॉ़ड्यूलर ओटी का निर्माण जरूर होना था। मगर क्या हुआ मुझे नहीं पता है।
Iमॉ़ड्यूलर ओटी के बारे में हमें बहुत जानकारी नहीं है। मैं इसके बारे में जेई सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से बात करके पता लगाता हूं। यदि कार्यदायी संस्था ने बजट के बावजूद मॉ़ड्यूलर ओटी को नहीं तैयार किया था तो उसे बजट लौटाना होगा। इसके लिए मैं लिखा पढ़ी करूंगा। -
डॉ.जीएम शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारीI