उडैयाडीह बाजार में क्लीनिक की जांच करते डिप्टी सीएमओ एम एस हैदर। संवाद
शासन के आदेश के बाद सीएमओ ने अवैध रूप से संचालित क्लीनिक और पाॅलीक्लीनिक संचालकों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। शुक्रवार को डिप्टी सीएमओ के जांच में तीन क्लीनिक और एक पाॅली क्लीनिक बिना पंजीकरण संचालित मिले। मौके से सभी संचालक फरार हो गए। पता चला है कि आरोपी संचालक बिना डिग्री और डिप्लोमा के क्लीनिक का संचालन कर रहे थे। सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ल ने अवैध अस्पताल और क्लीनिक की जांच के लिए दो टीम गठित की थीं। एक टीम में डिप्टी सीएमओ डॉ. एस हैदर थे तो दूसरे में डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार और अपर शोध अधिकारी आरजी चौधरी रहे। डिप्टी सीएमओ डॉ. हैदर ने बताया कि उड़ैयाडीह स्थित शांति दवा खाना का पंजीकरण नहीं है।
मौके पर क्लीनिक संचालित थे, टीम पहुंची तो संचालक फरार हो गया। उन्होंने बताया कि माधव के नाम से क्लीनिक का संचालन हो रहा है, मगर लाइसेंस नहीं है। चिकित्सक के पास किसी प्रकार की डिग्री डिप्लोमा तक नहीं है। उड़ैयाडीह में मिलन के नाम से क्लीनिक का संचालन हो रहा है। टीम पहुंची तो संचालक फरार हो गया। वहीं बंगल में इंद्रा पाॅली क्लीनिक का पंजीकरण तो हुआ है मगर संचालक ने पाॅली क्लीनिक का बोर्ड लगा रखा है। सभी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।