यदि आप के सीने में जलन और सुई सी चुभन या हल्का दर्द है तो इसे गैस समझकर नजर अंदाज न करें। लक्षण के अनुसार कॉर्डियक अरेस्ट का खतरा तीन गुना है। ऐसी दिक्कत बताने वाले मरीजों की जांच में हृदय रोग की परेशानी मिल रही है।
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ.मनोज खत्री कहते हैं, ओपीडी में आने वालों मरीजों में तीन से चार मरीज ऐसे हैं, जो पहली बार दिखाने आ रहे हैं। इनको सीने में दर्द, भारीपन, चलने में सांस फूलने, रात में पसीना आने की परेशानी है।
जांच में इनका बीपी भी बढ़ा पाया गया। इनमें अधिकतर की उम्र 40 से 50 वर्ष रही। इनको दवाएं देने के साथ फिटनेस बेहतर करने के लिए कहा गया। इनमें ब्लॉकेज संबंधी परेशानी मिली। एक बार कॉर्डियोंलॉजिस्ट के पास भी जांच और इलाज कराने के लिए भेजा गया।
डॉ.खत्री ने बताया कि सर्दी में खानपान पर ध्यान नहीं देने वाले मरीजों में रक्तचाप और मधुमेह का स्तर बढ़ जाता है। हृदय रोगियों में रक्तचाप और मधुमेह का स्तर अनियंत्रित होने से हार्ट अटैक का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है।
10 से 15 मरीज माइनर हार्ट अटैक के आए, जिन्होंने सीने में पिन सी चुभने, जलन होने और भारीपन की परेशानी को नजरअंदाज किया। इसे गैस का दर्द समझ बैठे, इससे दिक्कत बढ़ गई। ऐसे मामलों में इलाज में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
इन बातों का जरूर रखें ख्याल
0 धूप निकलने पर टहलें, 7 बजे के बाद बिस्तर छोड़ें
0 हृदयरोगी दवाएं बंद न करें, डॉक्टर को फॉलोअप में दिखाएं
0 हरी सब्जी, दाल, सलाद खाएं, शाम को हल्का भोजन करें।
0 सीने में दर्द, चलने में सांस फूलने पर ईसीजी कराएं।
0 तली-भुनी और चिकनाई वाले भोजन, मीठा खाने से बचें।