गांव में छिपी प्रतिभाओं को उभारने के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है। ग्राम स्तर पर ऎसी प्रतिभाओं को तराशने के लिए संस्कृति विभाग और प्रशासन राज्य स्तर पर खुला मंच मुहैया कराएगा। इस पहल से ग्रामीण इलाकों की प्रतिभाओं को राज्य स्तर पर हुनर दिखाने का मौका मिलेगा। चयनित प्रतिभागियों को शासन स्तर से प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
संस्कृति उत्सव 2023 के तहत संस्कृति विभाग विभिन्न क्षेत्रों में परांगत मॆधाओं को सरकार मंच प्रदान करेगी। प्रतिभाओं के चयन के लिए ग्राम स्तर पर फाॅर्म भरे जाएंगे, जिसमें सभी आवश्यक जानकारियां भरी जाएंगी। आवेदन के बाद इनका चयन ब्लाॅक स्तर पर होगा। यह प्रतियोगिता चार विधाओं में होगी। जिनमें गायन, वादन, नृत्य व समूह नृत्य को शामिल किया गया है।
इस योजना में शामिल होने के लिए कलाकारों को ऑनलाइन पंजीकरम अनिवार्य रूप से कराना होगा। पंजीयन संस्कृति विभाग के पोर्टल पर होना है। एक प्रतिभागी केवल एक विधा में प्रतिभाग करने का मौका मिलेगा। प्रतिभागी कलाकारों को वाद्य यंत्र खुद ही लाने होंगे। प्रतियोगिता में देश भक्ति, लोकगीत, लोकनृत्य, जनजातीय नृत्य व समूह प्रस्तुतियां होंगी।
सभी प्रतिभागी कलाकार एकल समूह से अतिरिक्त केवल व्यक्तिगत भी शामिल होंगे। निर्णायक मंडल ठीक न लगने पर प्रस्तुतियों के प्रस्ताव को निरस्त कर सकते हैं। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर आने वाले कलाकारों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
मंडल स्तर प्रतियोगिता में सफल कलाकारों को लखनऊ में 24से26 जनवरी तक होने वाले संस्कृति महोत्सव में शामिल होने का मौका मिलेगा। संस्कृति महोत्सव के लिए चयनित कलाकारों को विभाग की ओर से रेल किराया, भोजन व्यवस्था के साथ मानदेय भी दिया जाएगा।
वादन, गायन के लिए मिलेंगे 50 अंक
प्रतिभागी कलाकारों को गायन 50 अंकों के सापेक्ष होगा। जिसमें 15 अंक स्वर, 15 अंक लय, 10 अंक उच्चारण, 05 अंक वेशभूषा व 05 अंक का समग्र आकलन होगा। इसी प्रकार वादन भी 50 अंक का होगा। एकल नृत्य के लिए 60 अंक निर्धारित किए गये हैं। समूह नृत्य के लिए भी 60 अंक निर्धारित किए गये हैं।
संस्कृति महोत्सव के लिए तहसील स्तर पर चयन होगा। इसके बाद जिले स्तर में पांच जनवरी से 10 तक प्रतियोगिता करानी है। तहसील स्तर पर नोडल नियुक्त कर दिये गये है। ब्लाॅक से सूचना मांगी जा रही है।
- राकेश प्रसाद, जिला विकास अधिकारी