लालगंज में पकड़े गये स्वास्थ विभाग के विजिलेंस कर्मचारी का परिचय पत्र।
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स्वास्थ्य विभाग की विजिलेंस टीम का अधिकारी बनकर क्लीनिक संचालकों से वसूली कर रहे ठग को लोगों ने दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। उसके साथ रहा एक युवक फरार हो गया।
लालगंज कोतवाली के भदरी कला गांव निवासी रमाशंकर विश्वकर्मा डॉक्टर हैं। जलेशरगंज रोड पर स्थित जैनपुर में उनकी क्लीनिक है।
बुधवार दोपहर कार से दो लोग उनके क्लीनिक पर पहुंचे। रमाशंकर से मिलकर बताया कि वह लखनऊ से आए हैं और स्वास्थ्य विभाग की विजिलेंस टीम के अधिकारी हैं। उन्होंने अपना फर्जी आईडी कार्ड भी दिखाया। रमाशंकर ने जब सीएमओ आफिस से क्लीनिक के पंजीकरण के कागजात दिखाए तो उसे फर्जी बता दिया।
इसके बाद उससे 25 हजार रुपये मांगने लगे। रमाशंकर ने उन्हें दस हजार रुपये दे दिए। 15 हजार रुपये लेने के लिए वह पड़ोस में स्थित एक दुकानदार के पास पहुंचे। मामले की जानकारी होने के बाद आसपास के दुकानदार जुट गए। शक होने पर लोगों ने खुद को विजिलेंस अधिकारी बताने वाले युवक को धर दबोचा। इसकी सूचना पुलिस को दे दी। इस बीच उसका साथी मौका पाकर भाग निकला। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। डाक्टर ने उसके खिलाफ तहरीर दी है।
फर्जी आइडी कार्ड दिखाकर लोगों को ठगने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी गई है।
दिनेश दूबे, एएसपी, पश्चिमी
लालगंज में पकड़ा गया स्वास्थ विभाग का विजिलेंस कर्मचारी।- फोटो : PRATAPGARH