स्टेडियम में जर्जर हो चुका बैडमिंटन कोर्ट। संवाद
शहर के स्टेडियम की सूरत जल्द ही बदली- बदली नजर आएगी। पांच करोड़ की लागत से दर्शक दीर्घा, बैडमिंटन हॉल और चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। एक साथ एक हजार दर्शक दीर्घा में बैठकर मैच देख सकेंगे।
शहर के मीरा भवन मोहल्ले में स्टेडियम का निर्माण 1986 में कराया गया था। तब से स्टेडियम में क्रिकेट, हाॅकी, वाॅलीबाल, फुटबाल, कुश्ती, एथलीट के खिलाड़ी अभ्यास करते चले आ रहे हैं। एक दशक पहले से तलवारबाजी, हैंडबाल और बैडमिंटन के भी खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। क्रीड़ाधिकारी पूनम लता राज ने बताया कि स्टेडियम की दर्शक दीर्घा, बैडमिंटन हॉल और चहारदीवारी जर्जर हो गई है। मरम्मत के लिए खेल मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया था। इसके लिए पांच करोड़ का बजट स्वीकृत हो गया है। बताया कि इस बजट से पुरानी चहारदीवारी के साथ दर्शक दीर्घा को तोड़कर नया बनवाया जाएगा। अभी तक यहां सौ लोगों के बैठने की जहां व्यवस्था थी। वहीं नए दर्शक दीर्घा में एक हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। बताया कि इसके अतिरिक्त बैडमिंटन के सिंथेटिक कोर्ट की मरम्मत भी कराई जाएगी। 20-20 लाख रुपये की लागत से अब दो सिंथेटिक कोर्ट बनेंगे। डेढ़ करोड़ की लागत से एडवांस इनडोर जिम बनवाया जाएगा।