मानिकपुर के मुंदीपुर गांव के आरोपी राजेश मिश्र के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में वारंट जारी हुआ था। आरोपी ने 21 अगस्त को कोर्ट में पेश होकर सुनवाई में व्यक्तिगत बंधपत्र पर वारंट को निरस्त कराने के बाद जमानत ली थी। आरोपी ने इसकी सूचना क्षेत्रीय पुलिस को दी थी।
अपर सत्र न्यायालय में गांजा तस्करी के आरोप में अभियुक्त को लेकर सुनवाई को पहुंची पुलिस अपनी ही कहानी में फंस गई। आरोपी के आवेदन पर कोर्ट पहले ही सुनवाई कर रिकाॅल दिया था, बावजूद इसके गिरफ्तारी होने से कोर्ट ने नाराजगी जताकर मानिकपुर पुलिस के दो दरोगा व चार सिपाहियों से पूरे प्रकरण में जवाब मांगा है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि जवाब नहीं मिलने पर क्यों न कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया जाए।
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मानिकपुर के मुंदीपुर गांव के आरोपी राजेश मिश्र के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में वारंट जारी हुआ था। आरोपी ने 21 अगस्त को कोर्ट में पेश होकर सुनवाई में व्यक्तिगत बंधपत्र पर वारंट को निरस्त कराने के बाद जमानत ली थी। आरोपी ने इसकी सूचना क्षेत्रीय पुलिस को दी थी।
आरोप है कि 14 सितंबर की रात मानिकपुर पुलिस के एसआई प्रभात कुमार, शिव कुमार व चार सिपाही उसे थाने पर ले गए और मारपीट भी की। इसी मामले में राजेश को पुलिस कोर्ट में पेश कर अपनी कहानी को बताया तो मामला उलझ गया। कोर्ट भी मानिकपुर पुलिस टीम की इस कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर दिया है। कोर्ट ने इस कार्यशैली पर पुलिस से जवाब मांगा है।