दिलीपपुर थाने के हुमायूपुर घाट पर लेखपाल के बेटे का शव मिलने के बाद जुटी भीड़। संवाद
खबर मिलते ही पहुंचे रोते बिलखते पहुंचे परिजन, गांव के कब्रिस्तान में किया सुपुर्दे खाक
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष ऐनुल हसन के बेटे एनामुल हसन उर्फ आसिफ का शव आठवें दिन मंगलवार की सुबह सई नदी में हुंमायूपुर घाट के करीब उतराया मिला। खबर मिलते ही परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। जनाजे को गांव के ही कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया।
दिलीपपुर के यहियापुर निवासी लेखपाल ऐनुल हसन का मंझला बेटा एनामुल हसन प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। 29 अगस्त की शाम करीब चार बजे उसने सई नदी के खीरीबीर घाट पर बाइक व मोबाइल छोड़कर वह नदी में छलांग लगा दी थी। कई दिनों तक एसडीआरएफ व पीएसी की टीम उसकी तलाश करती रही, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
मंगलवार की सुबह हुंमायूपुर घाट पर एख शव उतराया देख ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी। कुछ देर में दिलीपपुर पुलिस संग परिजन भी पहुंच गए। शव की दशा बिगड़ गई थी। परिजनों ने शव की पहचान की। फिर वे ग्रामीणों के साथ शव लेकर घर पहुंचे। अपर जिलाधिकारी त्रिभुवन विश्वकर्मा, एसडीएम सदर उदयभान सिंह समेत राजस्व विभाग के कर्मचारी लेखपाल एनुल हसन और परिजनों को सांत्वना देते रहे।
-
फर्जी शिकायती पत्र से भयभीत होकर उठाया कदम
शव मिलने के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म था। लोगों का कहना था कि कुछ दिनों पहले एक फर्जी शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। सच्चाई यह है कि वह शिकायती पत्र पुलिस तक पहुंचा ही नहीं था। इस शिकायती पत्र के वायरल होते ही एनामुल परेशान हो गया। चूंकि शिकायती पत्र में उस पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। ऐसे में परेशान होकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया हो।
दिलीपपुर थाने के हुमायूपुर घाट पर लेखपाल के बेटे का शव मिलने के बाद जुटी भीड़। संवाद