अपने कमरे से थाने पर ड्यूटी करने आ रहा सिपाही बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ा। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खबर मिलते ही परिजन रोते बिलखते जंक्शन पहुंचे। अफसरों ने पुलिस लाइन में फूल चढ़ाकर उसे अंतिम विदाई दी।
जनपद गोंडा के तरबगंज के सुरेला गांव निवासी अजीत प्रताप सिंह 52 जीआरपी थाने में सिपाही थे। वह वाशिंग लाइन के पास कमरा लेकर रहता था। बुधवार की देर शाम वह पहरे पर ड्यूटी करने के बाद कमरे पर आराम करने गया था। बृहस्पतिवार भोर में थाने पर ड्यूटी करने के लिए कमरे से आ रहा था। थाने से पहले ही पावर केबिन के पास वह सड़क पर बेहोश होकर गिर पड़ा।
इस बीच राहगीरों की नजर पड़ी। चूंकि अजीत प्रताप सिंह वर्दी पहने थे। इसलिए लोगों ने जीआरपी थाने पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस आनन-फानन में उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसओ जीआरपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि नौ माह पहले ही वह स्थानांतरित होकर आया था। उसके दो बेटे हैं।
खबर मिलने पर परिजन भी पहले जीआरपी थाने और फिर पोस्टमार्टम हाउस पहंचे। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद मृत सिपाही का शव पुलिस लाइन लाया गया। जहां पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने पुष्प अर्पित कर अंतिम विदाई दी। कागजी कार्रवाई के बाद शव को पुलिस वाहन से घर भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिपाही की मौत हार्ट अटैक से होने की बात सामने आई है।