संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी सुनीता सिंह नागौर ने सांगीपुर के विकास वर्मा को मनोरोगी से दुष्कर्म का दोषी पाया। इसके लिए उस पर 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अर्थदंड अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा होगी।
24 सितंबर 2017 को मंदबुद्धि पीड़िता शौच के लिए खेत की तरफ गई थी। तभी आरोपी विकास वर्मा ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की जानकारी पर पीड़िता के परिजन आरोपी के घर गए तो मनोज व रंगीला देवी ने उनके साथ गाली गलौज कर मारपीट की। न्यायालय ने उपरोक्त मामले में अन्य अभियुक्त मनोज व रंगीला देवी को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दोषी पाया। मामले में राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी अनिल मिश्रा ने की।