पश्चिमी विक्षोभ के कारण सर्दी ने और जोर पकड़ लिया है। सर्दी से ठिठुर रहे लोग अलाव व हीटर का सहारा ले रहे हैं। पांच दिन से सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने से खासकर बुजुर्गों को ठंड काटनी भारी पड़ रही है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस लुढ़कने से ठिठुरन भरी ठंड ने लोगों को घरों में कैद रहने के लिए विवश कर दिया।
शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 5.2 और अधिकतम तापमान 13.0 डिग्री दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 6.5 और अधिकतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा। कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने 22 जनवरी तक कक्षा आठ तक के स्कूलों को बंद कर दिया है। मगर कक्षा नौ से 12 तक के स्कूलों में बच्चों के नहीं आने से सन्नाटा पसरा हुआ है। शाम होते ही शहर और गांव की सड़कें भी सूनी हो जा रही हैं। सनई अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक देशराज मीना का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ठंड बढ़ गई है। अभी चार दिन शीतलहर से राहत मिलने की संभावना नहीं है।