मोहर्रम पर शेखपुर आशिक गांव में धार्मिक गेट बनाने से प्रशासनिक रोक से आक्रोशित 12 गांवों के अकीदतमंदों ने ताजिया नहीं उठाया। विरोध में मोहर्रम पर्व से भी दूरी भी बनाए रखी। तनाव के मद्देनजर कुंडा के भदरी से लेकर शेखपुर आशिक तक पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्र को चार जोन में बांटकर ड्रोन कैमरे से हालात पर नजर रखा। दोपहर बाद डीएम प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव व एसपी सतपाल अंतिल ने कुंडा पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
करीब एक दशक से मोहर्रम पर्व पर कुंडा क्षेत्र में तनाव का माहौल बनता रहता है। यहां धार्मिक झंडे व गेट के अलावा होने वाला भंडारा प्रशासन के लिए मुश्किल पैदा कर देता है। इस बार भी मोहर्रम के पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए एक माह से पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तैयारियां कर रहे थे।
शनिवार को शेखपुर आशिक, पूरे शाह ताजपुर, रहबई, अघिया, मझिलगांव, बरई महेवा मोहनपुर, मोहद्दीनगर, करम अली का पुरवा , मौली, गयासपुर, पुरनेमऊ, बाबूगंज गांव के अकीदतमंदों ने पर्व से दूरी बना ली।
पिछले साल जहां कभी चहल-पहल के बीच या अली या हुसैन के नारों की सदाएं गूंजती थीं। वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। ताजिया तैयार जरूर किए गए लेकिन इन गांवों के लोगों ने ताजिया का जुलूस नहीं निकाला।
शेखपुर के पूर्व प्रधान जुबैर का कहना है कि प्रशासन ने मोहर्रम पर गेट नहीं बनाने दिया। इसलिए गांव के अकीदतमंदों ने मोहर्रम का पर्व नहीं मनाया। इसके लिए पूरी तरह से प्रशासन जिम्मेदार है। इसी गांव के असरफ का कहना था कुंडा कोतवाल ने कहा था कि त्योहार नहीं मनाने दिया जाएगा। मझिलगांव स्थित कर्बला में सन्नाटा पसरा रहा।
सुरक्षा के मद्देनजर चार सेक्टरों में प्रशासन ने बांटा था क्षेत्र
भदरी से लेकर शेखपुर आशिक को चार जोन में बांटकर 50 से अधिक प्वाइंटों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। तनाव को देखते हुए पुलिस अफसर लगातार नजर रखे हुए थे। खबर भेजे जाने तक पुलिस अफसर शेखपुर आशिक में बने हुए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी रोहित मिश्रा का कहना है कि मामला कोर्ट में होने व राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों के दिशा निर्देश का पुलिस द्वारा पालन कराया गया। लोगों को समझाने का भी प्रयास किया लेकिन उनकी समझ में बात नहीं आई।
उदय प्रताप समेत 13 समर्थकों को प्रशासन ने किया था नजरबंद
शनिवार को मोहर्रम का पर्व सकुशल संपन्न कराने के लिए पूर्व मंत्री कुंडा विधायक व जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह समेत 13 समर्थकों को प्रशासन ने नजरबंद किया था। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अफसर भी चक्रमण कर हालात का जायजा लेते रहे।
मोहर्रम के पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने शुक्रवार की देर शाम उदय प्रताप सिंह, अधिवक्ता हनुमान पांडेय, निर्भय सिंह समेत 13 लोगों को नजरबंद कर दिया था। शुक्रवार रात ही नहीं शनिवार सुबह से शाम तक भदरी कोठी पर पुलिस का पहरा रहा।
गांव के आसपास व सड़कों पर तैनात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी अपर पुलिस अधीक्षक रोहित मिश्रा, सीआरओ राकेश कुमार चेक करते रहे। कुंडा के अलावा रायबरेली से बुलाए गए सीओ को भी तैनात किया गया था। छह निरीक्षक, 25 उपनिरीक्षक समेत ढाई सौ सिपाही व एक कंपनी पीएसी लगाई गई थी।
मंदिर पहुंचकर की पूजा अर्चना
हर बार की तरह इस बार भी नजरबंद निर्भय प्रताप सिंह ने सुरक्षाकर्मियों के साथ दोपहर हनुमान मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। पूजन के बाद उन्होंने आम लोगों को ही नहीं, पुलिसकर्मियों को प्रसाद किया।