पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों और शिक्षकों का आंदोलन स्थगित होते ही अफसरों ने कर्मचारियों पर नई पेंशन का खाता खोलवाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इससे कर्मचारी और शिक्षक ऊहापोह की स्थिति में हैं।
जिले में एक अप्रैल 2005 के बाद विभिन्न विभागों में तैनाती पाने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना से बाहर कर दिया गया है। जिले के शिक्षक और कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग कर रहे हैं। पूरे प्रदेश में आंदोलन को तेज करने के लिए 26 अक्तूूबर से तीन दिवसीय तालाबंदी और प्रदर्शन का आयोजन किया गया था।
मगर सरकार और कर्मचारी नेताओं के बीच हुई वार्ता के बाद 25 अक्तूबर को ही आंदोलन स्थगित कर दिया गया। बताया जाता है कि सरकार ने समिति बनाकर पूरे मामले का परीक्षण कराने के लिए दो माह का वक्त लिया था। मगर अब विभागाध्यक्ष पत्र जारी करके कर्मचारियों और शिक्षकों से अविलंब परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (प्रान) खोलने का दबाव बनाया जा रहा है। विभागीय अफसरों के इस आदेश से शिक्षक और कर्मचारी ऊहापोह की स्थिति में हैं। फिलहाल शिक्षक और कर्मचारी नेता इन दिनों लड़ाई की अगली रणनीति बनाने में जुटे हैं।
शिक्षकों और कर्मचारियों का प्रान अकाउंट अभी तक ऑफ लाइन खोला जाता था, मगर अब यह अकाउंट आनलाइन खोला जा रहा है। कर्मचारियों के औपचारिकता पूरी करने के बाद विभागाध्यक्ष आनलाइन खाता खोल सकता है। जबकि पूर्व में फार्म भेजने के एक माह बाद खाता खुलता था।
पुरानी पेंशन कर्मचारियों का हक है, उसे लेने के लिए हम लोग तब तक संघर्ष करते रहेंगे, जब तक मांग पूरी नहीं होती है। अधिकारी जबरदस्ती प्रान खाता खोलवाने के लिए बाध्य नहीं कर सकते हैं। अगर ऐसा करते हैं, तो हम लोग आंदोलन करने को विवश होंगे।-रमाशंकर तिवारी, सहसंयोजक, शिक्षक कर्मचारी अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच
अंशदाई पेंशन से वंचित कर्मचारियों और शिक्षकों से अविलंब प्रान खाता खोलवाने को कहा गया है। खाता नहीं खोलवाने से व्यक्तिगत उनका नुकसान हो रहा है। इसके लिए कोई नया आदेश नहीं आया है, बल्कि पुराने आदेश का पालन कराने का प्रयास किया जा रहा है।-दीपक बाबू , वरिष्ठ कोषाधिकारी।