कालाकांकर महल की 12 सीढि़यां डूबीं, कुंडा समेत कई स्थानों पर कछार में सब्जी की फसल खराब, प्रशासन सतर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
मानिकपुर। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। उफनाई गंगा का कहर कछारी इलाकों में बोई गई सब्जियों पर टूटा है। कालाकांकर महल के करीब बने घाट की 12 सीढि़यां डूब गई हैं। शेष दो सीढि़यों के डूबते ही गंगा नदी का पानी महल में प्रवेश कर जाएगा। इसके साथ ही तटीय 15 गांव के लोगों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट घोषित किया है।
उत्तराखंड से पानी छोड़े जाने के बाद उफनाई गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। कुंडा तहसील क्षेत्र के मानिकपुर के शाहाबाद घाट, राजघाट, मल्लाही टोला, मलिन बस्ती, चौकापारपुर, गिरधारी का पुरवा, मुन्ना का पुरवा, गढ़ी समदाबाद, निरंजन का पुरवा, खमसरा, भक्तन का पुरवा, गोतनी, बरगदहा,करेंटी मऊदारा,दिलेरगंज, शाहपुर, बेंती आदि तटीय क्षेत्रों में पानी पहुंच गया है। तटीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को पहले ही प्रशासन ने सतर्क कर दिया था।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शनिवार को गंगा के जलस्तर में करीब पांच फिट वृद्धि दर्ज की गई है।
शहाबाद उत्तरी के रहने वाली गुलाबा देवी व बाबूलाल का कहना है कि 16 अगस्त से उनके सब्जी के खेत में पानी भरा है। जिससे सब्जी की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। हालांकि गंगा के बढ़ रहे जलस्तर पर प्रशासन की नजर है। मोटरबोट के साथ ही गोताखोरों की टीम घाटों पर है।
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ऐसे ही बढ़ता रहा जलस्तर तो प्रभावित होंगे ग्रामीण
परियावां। गंगा नदी का जल ऐसे ही बढ़ता रहा तो इलाके के ग्रामीणों पर असर पड़ेगा। तटीय क्षेत्र के सोनामऊ, संग्रामपुर, नवाबगंज कछारी क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं।
पुरोहित हटाने लगे छप्पर
मानिकपुर। लगातार गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से शाहाबाद स्नान घाट के तीर्थ पुरोहितों को अपना छप्पर भी हटाना पड़ रहा है। संभावित बाढ़ को देखते हुए पुलिस, राजस्व व स्वास्थ्य विभाग की टीम निगरानी कर रही है। एसडीएम बीके प्रसाद का कहना है कि सभी गांव के लोग अभी सुरक्षित हैं। ग्रामीणों को पहले ही सतर्क किया जा चुका है।
कालाकांकर राजघाट पर बढ़ा गंगा का जलस्तर। संवाद