पूर्व विधायक के समर्थकों ने एडीपीआरओ को बनाया बंधक
हाथापाई भी हुई, हाईकोर्ट के आदेश पर ग्राम पंचायत की बैठक कराने गए थे, अफसरों ने किसी तरह मुक्त कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। शिवगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामगढ़ (बभनमई) में मंगलवार को ग्राम पंचायत की बैठक कराने गए अतिरिक्त जिला पंचायती राज ऑफिसर (एडीपीआरओ) राजीव कुमार मौर्य को कुछ लोगों ने तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। उनके साथ हाथापाई की गई। वरिष्ठ अफसरों के पहुंचने पर उन्हें मुक्त कराया जा सका। आरोपी पूर्व विधायक अभय कुमार के समर्थक बताए जा रहे हैं। हालांकि, पूर्व विधायक ने इससे इन्कार किया है।
शिवगढ़ ब्लाॅक के बभनमई ग्राम पंचायत की बैठक मंगलवार को प्राइमरी स्कूल में बुलाई गई थी। ग्राम प्रधान कुसुम ओझा ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में आवेदन करके बैठक कराने की मांग की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर मंगलवार को आयोजित बैठक में एसडीएम, सीओ के साथ ही भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था। एडीपीआरओ राजीव कुमार मौर्य को बैठक का नोडल अधिकारी बनाया गया था।
बैठक में सचिव ने प्रधान और दो सदस्यों की मौजूदगी में छह समितियों का गठन कर दिया। एडीपीआरओ का आरोप है कि बैठक समाप्त होने के बाद जब सीओ समेत सुरक्षाकर्मी चले गए और वह अपनी गाड़ी में बैठने लगे, तभी पूर्व विधायक समर्थकों ने उन्हें गाड़ी से नीचे खींच लिया। बैठक वाले स्थान पर तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। उनसे हाथापाई की गई। तमाम प्रयास के बाद भी पूर्व विधायक के समर्थकों ने उन्हें जाने नहीं दिया।
थोड़ी ही देर में बंधक बनाए जाने की सूचना जिला मुख्यालय पहुंची तो सीडीओ के निर्देश पर एसडीएम तनवीर अहमद, तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह, शिवगढ़ बीडीओ धर्मेंद्र कुमार सिंह दोबारा मौके पर पहुंचे। अफसरों के पीछे-पीछे पुलिस भी पहुंची। अधिकारियों ने किसी तरह एडीपीआरओ को मुक्त कराया।
ग्राम पंचायत बभनमई की बैठक में एडीपीआरओ और ग्राम पंचायत अधिकारी ने जिन छह समितियों का गठन किया था। वह पूरी तरह अवैधानिक थीं। जब बैठक में प्रधान और दो सदस्य ही मौजूद रहे तो समितियों को बनाने का फैसला कैसे कर लिया गया। फिलहाल एडीपीआरओ को बंधक बनाने की खबर पूरी तरह गलत है।
डॉ. आरसी शर्मा, पीडी
प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस की मौजूदगी में ग्राम पंचायत की बैठक हो रही थी। ऐसे में किसी को बंधक नहीं बनाया जा सकता। एडीपीआरओ ने पंचायती राज एक्ट के नियमों के विपरीत ग्राम सभा की बैठक की गई। इसकी अधिकारियों से शिकायत की गई है। अन्य आरोप बेबुनियाद हैं।
- अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा, पूर्व विधायक रानीगंज
ग्राम पंचायत की बैठक दो बार बुलाई गई, जिसे कोरम के अभाव में स्थगित कर दिया गया था। इस बैठक में कोरम की आवश्यकता नहीं थी। जिन समितियों का गठन किया गया है, उनका अगली बैठक में अनुमोदन करा लिया जाता। मगर मुझे तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा और मेरे साथ हाथापाई की गई। इसकी शिकायत शासन स्तर पर करने के बाद अगला कदम उठाऊंगा।
- राजीव कुमार मौर्य, एडीपीआरओ
हाथापाई भी हुई, हाईकोर्ट के आदेश पर ग्राम पंचायत की बैठक कराने गए थे, अफसरों ने किसी तरह मुक्त कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। शिवगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामगढ़ (बभनमई) में मंगलवार को ग्राम पंचायत की बैठक कराने गए अतिरिक्त जिला पंचायती राज ऑफिसर (एडीपीआरओ) राजीव कुमार मौर्य को कुछ लोगों ने तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। उनके साथ हाथापाई की गई। वरिष्ठ अफसरों के पहुंचने पर उन्हें मुक्त कराया जा सका। आरोपी पूर्व विधायक अभय कुमार के समर्थक बताए जा रहे हैं। हालांकि, पूर्व विधायक ने इससे इन्कार किया है।
शिवगढ़ ब्लाॅक के बभनमई ग्राम पंचायत की बैठक मंगलवार को प्राइमरी स्कूल में बुलाई गई थी। ग्राम प्रधान कुसुम ओझा ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में आवेदन करके बैठक कराने की मांग की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर मंगलवार को आयोजित बैठक में एसडीएम, सीओ के साथ ही भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था। एडीपीआरओ राजीव कुमार मौर्य को बैठक का नोडल अधिकारी बनाया गया था।
बैठक में सचिव ने प्रधान और दो सदस्यों की मौजूदगी में छह समितियों का गठन कर दिया। एडीपीआरओ का आरोप है कि बैठक समाप्त होने के बाद जब सीओ समेत सुरक्षाकर्मी चले गए और वह अपनी गाड़ी में बैठने लगे, तभी पूर्व विधायक समर्थकों ने उन्हें गाड़ी से नीचे खींच लिया। बैठक वाले स्थान पर तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। उनसे हाथापाई की गई। तमाम प्रयास के बाद भी पूर्व विधायक के समर्थकों ने उन्हें जाने नहीं दिया।
थोड़ी ही देर में बंधक बनाए जाने की सूचना जिला मुख्यालय पहुंची तो सीडीओ के निर्देश पर एसडीएम तनवीर अहमद, तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह, शिवगढ़ बीडीओ धर्मेंद्र कुमार सिंह दोबारा मौके पर पहुंचे। अफसरों के पीछे-पीछे पुलिस भी पहुंची। अधिकारियों ने किसी तरह एडीपीआरओ को मुक्त कराया।
ग्राम पंचायत बभनमई की बैठक में एडीपीआरओ और ग्राम पंचायत अधिकारी ने जिन छह समितियों का गठन किया था। वह पूरी तरह अवैधानिक थीं। जब बैठक में प्रधान और दो सदस्य ही मौजूद रहे तो समितियों को बनाने का फैसला कैसे कर लिया गया। फिलहाल एडीपीआरओ को बंधक बनाने की खबर पूरी तरह गलत है।
डॉ. आरसी शर्मा, पीडी
प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस की मौजूदगी में ग्राम पंचायत की बैठक हो रही थी। ऐसे में किसी को बंधक नहीं बनाया जा सकता। एडीपीआरओ ने पंचायती राज एक्ट के नियमों के विपरीत ग्राम सभा की बैठक की गई। इसकी अधिकारियों से शिकायत की गई है। अन्य आरोप बेबुनियाद हैं।
- अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा, पूर्व विधायक रानीगंज
ग्राम पंचायत की बैठक दो बार बुलाई गई, जिसे कोरम के अभाव में स्थगित कर दिया गया था। इस बैठक में कोरम की आवश्यकता नहीं थी। जिन समितियों का गठन किया गया है, उनका अगली बैठक में अनुमोदन करा लिया जाता। मगर मुझे तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा और मेरे साथ हाथापाई की गई। इसकी शिकायत शासन स्तर पर करने के बाद अगला कदम उठाऊंगा।
- राजीव कुमार मौर्य, एडीपीआरओ