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Pratapgarh News: दो गांवों में नहीं जले चूल्हे, जली तीन चिताएं

Sat, 05 Aug 2023 09:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
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लोडर पलटने से हुई थी शुक्रवार को दो युवती समेत तीन की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
लालगंज। भेभौरा के समीप शुक्रवार को बेकाबू लोडर के पलटने से हुई तीन लोगों की मौत के बाद लालूपट्टी व पूरे शिवा वैश्य के कई घरों दो दिन से चूल्हा नहीं जला। हादसे की शिकार सीमा व राजकली लालूपट्टी की रहने वाली थीं, जबकि कोमल लालगंज के पूरे शिवा वैश्य की। तीनों का शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।
संग्रामगढ़ के लालूपट्टी के श्रद्धालुओं से भरी बेकाबू लोडर पलटने से कोमल सरोज व सीमा सरोज की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल राजकली ने प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में दम तोड़ा था। इसके अलावा 19 लोग घायल हुए थे।
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सीमा व राजकली का शव लालूपट्टी व कोमल का शव पूरे शिवावैश्य पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। करेंटी घाट पर अंत्येष्टि के लिए दो अर्थियां उठीं तो चीख-पुकार मच गई। लालगंज के शिवा वैश्य में कोमल सरोज के शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
घटना की जानकारी पर बाबागंज से जनसत्ता दल के विधायक विनोद सरोज लालूपट्टी पहुंचे और मृतकों के परिजनों को ढांढ़स बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया।
वाहन चालक पर केस नहीं चाहते पीड़ित
घटना के बाद पुलिस ने लोडर व चालक को हिरासत में ले रखा है। परिजनों की ओर से तहरीर नहीं मिलने से कार्रवाई को लेकर ऊहापोह बना हुआ है। प्रभारी निरीक्षक अवन कुमार दीक्षित ने बताया कि आरोपी चालक मृतकों के परिवार का बताया जा रहा है। परिवार के लोग कार्रवाई नहीं चाह रहे हैं। परिजनों को बुलाया है। इसके बाद चालक पर कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।


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आवास का सपना लिए दुनिया से चली गई राजकली
लालगंज। बाबा घुइसरनाथ धाम दर्शन पूजन के लिए जा रही राजकली को आज तक शासन की ओर से एक आवास तक नसीब नहीं हुआ था। राजकली का पति झगरू मजदूरी करता है और उसके कुल सात बच्चे हैं। बेटी मंजू व संजू की किसी तरह शादी हो गई थी। पुस्तैनी घर जर्जर होने के बाद गरीबी के चलते वह अपने बच्चे अभिषेक, अंजलि, अखिलेश, सुमन व खुशी के साथ झोपड़ीनुमा घर में गुजर बसर करती थी। उसका सपना था कि किसी तरह उसे एक सरकारी आवास मिल जाए, जो पूरा नहीं हो सका।
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तीन मौतों पर भी पीड़ित परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचे अफसर
लालगंज। जिले के अफसर दर्दनाक हादसों के लेकर कितने लापरवाह हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि तीन मौत के बाद भी कोई सुध लेने नहीं पहुंचा। शुक्रवार की शाम मृतकों का शव घर पहुंचा। शनिवार को दोपहर तक शव घर रखे गए। गांव में हाहाकार मचा रहा। लेकिन प्रशासन की ओर से एक भी अधिकारी परिजनों को ढांढ़स बंधाने नहीं पहुंचा। जबकि अफसर तहसील और जिला मुख्यालय पर मौजूद रहे। इस बात की चर्चा ग्रामीणों में होती रही।











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