डीआरएम, सीनियर डीसीएम कर रहे घटना की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। शुक्रवार की रात बेल्हा में रेल हादसा होते-होते टल गया। रात को जंक्शन के पावर केबिन पर तैनात दो-दो स्टेशन मास्टर की बड़ी चूक सामने आई है। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को मालगाड़ी वाले ट्रैक पर स्टेशन मास्टर ने ले लिया। जानकारी होने पर डीआरएम ने इस मामले में जांच बैठाई है। दोनों स्टेशन मास्टरों को लखनऊ तलब किया गया है, जबकि स्टेशन अधीक्षक को बयान लेने के लिए बुलाया गया है।
प्रतापगढ़ जंक्शन के पावर केबिन में एक साथ दो स्टेशन मास्टर की ड्यूटी लगाई जाती है। एक स्टेशन मास्टर आने और जाने वाली ट्रेनों का लाइव लोकेशन कंप्यूटर पर देखते हैं तो दूसरे कौन सी ट्रेन किस खाली प्लेटफार्म पर लेना है यह देखते हैं। दिल्ली से चलकर वाराणसी को जाने वाली काशी विश्वनाथ शुक्रवार रात 12 बजे चिलबिला जंक्शन पहुंची तो एक्सप्रेस ट्रेन को मालगाड़ी समझकर चार और पांच नंबर के बीच बने लूप लाइन (मालगाड़ी वाले ट्रैक) पर ले लिया गया। गनीमत रही कि इस ट्रैक पर मालगाड़ी या इंजन नहीं खड़ा था। चालक सिग्नल मिलने के बाद ट्रेन लेकर सीधे लूप लाइन पर पहुंचा। इससे ट्रेन में सवार और प्लेटफार्म पर बैठकर ट्रेन की प्रतीक्षा करने वाले यात्री परेशान हो गए। चालक और गार्ड भी हैरान थे। गनीमत रही कि समय रहते ट्रेन में सवार लोगों को सूचना दे दी गई और लोग ट्रेन से नीचे नहीं उतरे। जानकारी मिलने पर डीआरएम ने दोनों स्टेशन मास्टसों को लखनऊ तलब कर लिया। बयान लेने के लिए स्टेशन अधीक्षक को भी बुलाया गया है। चर्चा है कि स्टेशन मास्टर ने अपनी चूक स्वीकार की है।
वर्जन-
मामले की जांच चल रही है। जांच पूरी होने तक किसी को दोषी नहीं कहा जा सकता। पूरा मामला समझने के बाद जिसकी गलती सामने आएगी उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
एसके सापरा, मंडल रेल प्रबंधक