हाईकोर्ट से समायोजन रद्द होने के बाद सोमवार को शिक्षामित्र स्कूल बंदकर सड़क पर उतर गए। जिलाधिकारी कार्यालय के करीब धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। सांसद हरिवंश सिंह का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से शिक्षामित्रों की तकरार हुई। कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से सामूहिक इच्छामृत्यु की मांग की जाएगी। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार शुक्ला की अगुवाई में सोमवार को हजारों शिक्षामित्र स्कूल बंदकर कंपनी बाग में एकत्र हुए। इन्होंने हाईकोर्ट के फैसले पर दुख जताया। इसके बाद शिक्षामित्र कचहरी रवाना हो गए। अंबेडकर चौराहे पर सभी को अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ला, एसडीएम सदर जेपी मिश्र ने रोका। इनकी बात सुनने के बाद ज्ञापन देने को कहा, लेकिन वे राजी नहीं हुए।
यहां पुलिस से शिक्षामित्रों की तकरार भी हुई। इसके बाद उनका काफिला जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की। बाद में एडीएम को ज्ञापन सौंपा। चेताया कि यदि उनकी मांगें पूरी न हुई तो वे आंदोलन जारी रखेंगे। वे लोग सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाएंगे। इसके बाद शिक्षामित्रों ने लोनिवि गेस्ट हाउस में सांसद हरिवंश सिंह का घेराव कर अपनी मांगों से संबोधित ज्ञापन सौंपा। कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती तो वे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को इच्छामृत्यु के लिए पत्र भेजेंगे। अध्यक्ष सत्येंद्र शुक्ल ने प्रस्ताव रखा कि वे लोग अपनी मांगों के पूरा होने तक एकजुट होकर संघर्ष करते रहेंगे। इसके लिए कभी पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शन में अनुज पांडेय, प्रदीप पांडेय, रीता गुप्ता, रुपेश ओझा, श्रीकांत तिवारी, आनंद मिश्रा, संतोष शर्मा, इंद्र कुमार ओझा, अखिलेश सिंह, अनुराग मिश्र, राजेश मिश्र, वीरेंद्र सिंह, अमित शर्मा, रीना यादव, पूनम श्रीवास्तव, कंचन आदि मौजूद रहे।