फर्जीवाड़ा कर सगे भाइयों का पैसा हजम करने वाले बैंककर्मियों की तलाश में पुलिस जुट गई है। बैंककर्मियों से पूछताछ के लिए पुलिस एसबीआई कृषि शाखा पहुंची। कर्मचारियों से पूछताछ के बाद तत्कालीन प्रबंधक से जानकारी लेने में जुट गई है। शहर के पूर्वी सहोदरपुर निवासी नीरज पांडेय और संतोष पांडेय सगे भाई हैं। 31 मार्च 2024 को दोनों भाईयों ने शहर के भंगवा चुंगी स्थित एसबीआई कृषि शाखा से 1.60 लाख रुपये लोन के लिए आवेदन किया था। दोनों भाइयों का लोन मंजूर होने के बाद फील्ड ऑफिसर के साथ चार बैंककर्मियों ने दोनों भाइयों से सादे फार्म पर हस्ताक्षर करा लिए। उसके बाद खाता संख्या पूछकर खाते में पैसा जमा होने की जानकारी दी। एक सप्ताह बाद बैंक जाने पर पता चला कि खाते से पैसा पहले ही निकाल लिया गया है। तीन जून 2024 को बैंक ने बकाया धनराशि की नोटिस जारी की। नोटिस के बाद दोनों भाइयों ने प्रबंधक से शिकायत की। लगातार दोनों भाई बैंक का चक्कर लगाते रहे, मगर सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर दोनों भाइयों ने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल के साथ ही पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस पीड़ितों को साथ लेकर बैंक पहुंची। बैंककर्मियों से पूछताछ के बाद तत्कालीन बैंक प्रबंधक के बारे में पुलिस ने जानकारी की। तत्कालीन बैंक प्रबंधक का स्थानांतरण प्रयागराज होने की वजह से अन्य पूछताछ नहीं हो सकी। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शहर कोतवाली प्रभारी अर्जुन सिंह ने बताया कि नीरज पांडेय को पुलिस साथ लेकर बैंक में पूछताछ के लिए गई थी। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।