पंचायत भवन निर्माण में धनराशि का बंदरबांट करने वाले तीन सचिव, चार पूर्व प्रधान और एक प्रशासक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। अफसरों की जांच में खुलासा हुआ है कि पंचायत भवन निर्माण के लिए आई धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया है और पंचायत भवन का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया गया है। डीपीआरओ ने खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखकर मुकदमा दर्ज कराने को कहा है।
जिले के सांगीपुर विकास खंड के खानीपुर ग्राम पंचायत में पंचायत भवन निर्माण के लिए 22.35 लाख रुपये स्वीकृत थे, जिसमें से 21.35 लाख रुपये निकाल लिए गए। मगर अभी पंचायत भवन में खिड़की, दरवाजा, शौचालय, विद्युतीकरण, पंखा, टाइल्स, सबमर्सिबल नहीं लगा है। अफसरों की जांच में खुलासा हुआ कि 7,47,382 रुपये अधिक भुगतान कर लिया गया है। वर्तमान में लक्ष्मणपुर ब्लाॅक में तैनात रेनू यादव, निवर्तमान प्रधान बृजेश सरोज को जिम्मेदार ठहराया है। मंगरौरा विकास खंड के परसुपुर में पंचायत भवन के निर्माण में 3,63,946 रुपये का घपला किया गया है। इसमें पूर्व में परसुपुर और वर्तमान में संडवा चंडिका में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी संजय यादव और पूर्व प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को बीडीओ को पत्र लिखा गया है। पट्टी विकास खंड के सरायमधई ग्राम पंचायत में 4,77,663 रुपये और बनी ग्राम पंचायत में 3,08,313 रुपये का घपला मिलने पर सचिव सुनील कुमार सरोज और प्रधान शारदा देवी और प्रशासक अजय कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा है।
ग्राम पंचायत का नाम धनराशि
खानीपुर (सांगीपुर) 7,47,382 रुपये
परसुपुर (मंगरौरा) 3,63,946 रुपये
सरायमधई (पट्टी) 4,77,663 रुपये
बनी (पट्टी) 3,08,313 रुपये
जिले के तकनीकी अधिकारियों से पंचायत भवन निर्माण की जांच कराई गई, जिसमें अनियमितता मिलने पर पूर्व प्रधानों , सचिवों और प्रशासक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
आलोक कुमार सिन्हा, डीपीआरओ