तहसीलदार रानीगंज की अदालत में सबसे अधिक 4,349 मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। जिले के राजस्व न्यायालय मुकदमे के बोझ से दबे हुए हैं। तहसीलों में एसडीएम, तहसीलदार को मुकदमे सुनने का समय नहीं मिल रहा है। इससे लंबित मुकदमों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पांचों तहसीलों में 66,706 मुकदमे विचाराधीन हैं। पांचों एसडीएम में सबसे अधिक 4,161 मुकदमे उपजिलाधिकारी पट्टी की कोर्ट और तहसीलदारों में सबसे अधिक रानीगंज तहसीलदार की कोर्ट में 4,349 मामले विचाराधीन हैं।
जिले की पांच तहसीलों में मुकदमों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। राजस्व न्यायालयों में अधिकांश वाद हिस्सा विवाद को लेकर है। एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार शिकायतों का निस्तारण करने में परेशान हैं, ऐसे में मुकदमों की सुनवाई करने का मौका ही नहीं मिल रहा है।
जनपद स्तरीय अधिकारियों के न्यायालयों की बात करें, तो सबसे अधिक 6,181 मामले सीआरओ कोर्ट में हैं। सबसे कम डीएम की अदालत में मात्र 104 मुकदमे हैं। एडीएम की अदालत में 4,333 वाद लंबित है।
एसडीएम कोर्ट की बात करें तो सबसे अधिक पट्टी एसडीएम की कोर्ट में 4,161 मुकदमे और रानीगंज एसडीएम कोर्ट में 3634 मुकदमे लंबित हैं। जबकि तहसीलदार कोर्ट में रानीगंज में सबसे अधिक 4,349 मुकदमे लंबित हैं। जबकि तहसीलदार कुंडा की अदालत में 3,552 मामले विचाराधीन हैं।
पांच साल से लंबित हैं 18,588 मामले
राजस्व न्यायालयों में 18,588 मुकदमे ऐसे हैं, जो पांच साल से अधिक समय से लंबित हैं। इसमें कुंडा तहसील में सबसे अधिक 3,876 मामले लंबित हैं। हालांकि जिला स्तर पर 5,959 मामले में लंबे समय से विचाराधीन हैं।
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जून में सबसे अधिक कुंडा में दाखिल हुए मुकदमे
जिले में मुकदमा दाखिल होने की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जून में कुंडा तहसील में 1097, लालगंज में 668, सदर में 916, पट्टी में 737 और रानीगंज में 476 मामले दाखिल हुए हैं। जबकि जून माह में कुंडा तहसील में 758, लालगंज में 845, सदर 645 पट्टी में 439 और रानीगंज में 671 वादों का निस्तारण भी हुआ है।
तहसील का नाम मुकदमे
सदर 9041
कुंडा 14640
लालगंज 8240
पट्टी 11816
रानीगंज 10945
जनपदीय न्यायालय 12024
सदर तहसील में लंबित मुकदमे
कोर्ट का नाम मुकदमों की संख्या
एसडीएम 2664
एसडीएम न्यायिक 1045
तहसीलदार 1343
तहसीलदार न्यायिक 1686
नायब तहसीलदार नगर 847
नायब तहसीलदार गड़वारा 734
नायब तहसीलदार मानधाता 722
कुंडा तहसील में लंबित मुकदमे
कोर्ट का नाम मुकदमों की संख्या
एसडीएम 444
तहसीलदार 3552
नायब तहसीलदार 1493
तहसीलदार न्यायिक 2382
नायब तहसीलदार बाबागंज 991
नायब तहसीलदार बिहार 1805
नायब तहसीलदार मानिकपुर 1206
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लालगंज तहसील में लंबित मुकदमे
कोर्ट का नाम मुकदमों की संख्या
एसडीएम 2940
एसडीएम न्यायिक 195
तहसीलदार 2035
तहसीलदार न्यायिक 1038
नायब तहसीलदार रामपुर 832
नायब तहसीलदार लक्ष्मणपुर 720
नायब तहसीलदार अठेहा 480
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पट्टी तहसील में लंबित मुकदमे
कोर्ट का नाम मुकदमों की संख्या
एसडीएम 4161
एसडीएम न्यायिक 776
तहसीलदार 2908
तहसीलदार न्यायिक 1837
नायब तहसीलदार पट्टी 602
नायब तहसीलदार आसपुर देवसरा 869
नायब तहसीलदार मंगरौरा 663
रानीगंज तहसील में लंबित मुकदमे
कोर्ट का नाम मुकदमों की संख्या
एसडीएम 3634
तहसीलदार 4349
नायब तहसीलदार गौरा 1888
नायब तहसीलदार शिवगढ़ 1074
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मुख्यालय स्थित राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की संख्या -
जिलाधिकारी न्यायालय 104
अपर जिलाधिकारी - 4333
मुख्यराजस्व अधिकारी- 6181
अपर उपजिलाधिकारी प्रथम - 606
अपर उपजिलाधिकारी द्वितीय 800
सुनिए पीड़ितों की व्यथा
वसीयत के मुकदमे में दो वर्ष से लग रही तारीखफतनपुर इलाके के पटहटिया कला निवासी राम बहादुर का कहना है कि दो साल से नायब तहसीलदार की कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। सुबह घर का सब काम छोड़कर तहसील जाता हूं, मगर पहुंचने पर सिर्फ तारीख मिलती है। न्याय कब मिलेगा बस इसी का इंतजार है।
-रानीगंज तहसील के कैलीडीह निवासी तबारक हुुुसैन ने बताया कि तहसीलदार कोर्ट में दाखिल खारिज का मुकदमा एक साल से लंबित है। मगर कोर्ट पहुंचने पर सिर्फ तारीख मिलती है। कभी अधिकारी मीटिंग में होते हैं तो कभी जांच करने चले जाते हैं।
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राजस्व न्यायालयों में लंबित मुकदमों का निस्तारण करने के लिए सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को पत्र लिखा गया है। अभियान चलाकर जल्द ही अधिकतर मामलों का निस्तारण कराया जाएगा।
त्रिभुवन विश्वकर्मा, एडीएम