जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। डीएपी की किल्लत जल्द दूर हो जाएगी। किसानों को सिर्फ दो दिन और इंतजार करना होगा। जिले में रेक लग रही है। जिससे 36 हजार बैग डीएपी आएगी। इसके बाद सरकारी बिक्री केंद्रों पर भरपूर डीएपी उपलब्ध होगी।
जिले की साधन सहकारी समितियों और सरकारी बिक्री केंद्रों पर डीएपी नहीं है। मजबूर किसान खुले बाजार से अधिक दाम पर डीएपी खरीदने को मजबूर हैं। 17 विकास खंडों में डीएपी की किल्लत को देखते हुए अफसरों ने मुख्यालय से 2700 मीट्रिक टन डीएपी की मांग की थी। रबी के इस सीजन में सरकारी और निजी दुकानों पर 17,000 मीट्रिक टन डीएपी बिक्री का लक्ष्य है।
जिले में अभी तक 11,256 मीट्रिक टन डीएपी पहुंच चुकी है। समिति सचिवों की ओर से लगातार डीएपी की मांग की जा रही है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि 1700 एमटी डीएपी यानी 36000 बैग डीएपी की रेक दो दिन के भीतर लग जाएगी। डीएपी रेक से सीधे समितियों तक पहुंचाई जाएगी। ताकि किसानों को इंतजार न करना पड़े। उन्होंने बताया कि दूसरी रेक के लिए भी बात की जा रही है।
राजकीय बीज भंडार पर 3100 रुपये कुंतल गेहूं का बीज उपलब्ध
राजकीय बीज भंडार केंद्र पर पचास प्रतिशत की छूट पर गेहूं के बीज उपलब्ध हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि बीज भंडार केंद्र पर प्रमाणित बीज उपलब्ध हैं।