- बजट के अभाव में लटकीं, करोड़ों की परियोजनाएं, सदर, संडवा चंडिका, कुंडा ब्लाक भवन, ऑडिटोरियम का निर्माण लटका
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। सदर, संडवा चंडिका, कुंडा ब्लाक भवन और ऑडिटोरियम के के लिए पहली किस्त का भुगतान होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया। मगर योगी मंत्रिमंडल के दूसरे कार्यकाल में ग्राम्य विकास मंत्री के बदलते ही निर्माण योजनाएं ठप हो गईं।
जिले में ब्लाक भवनों की दशा देखकर पूर्व कैबिनेट मंत्री मोती सिंह ने अपने कार्यकाल में सदर, संडवा चंडिका, कुंडा में भवन बनाने के लिए बजट जारी करने के साथ ही पांच करोड़ रुपये की लागत से विकास भवन के निकट ऑडिटोरियम बनाने के लिए पहली किस्त जारी की थी। इसके बाद विकास निर्माण योजनाएं जहां पहुंचीं थीं, वहीं पर ठप हो गई। फिलहाल धनराशि का आवंटन न होने से काम नहीं हो पा रहा है।
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ऑडिटोरियम निर्माण के लिए मंजूर हुए थे पांच करोड़
जिले में तकरीबन पांच सौ लोगों की क्षमता वाला कोई सरकारी भवन नहीं है। ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए पहले पांच करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गई थी, इसे जनवरी 2023 में बनकर तैयार होना था। पहली किस्त के तौर पर 2.55 करोड़ रुपये मिलने पर निर्माण शुरू कराया गया लेकिन पहली किस्त खत्म होते ही काम ठप हो गया। शेष के 2.45 करोड़ रुपये के लिए कई बार पत्र लिखा गया, मगर अब तक बजट नहीं मिल सका है।
अधूरा पड़ा है सदर ब्लाक का भवन
सदर ब्लाक भवन के लिए शासन ने 3.02 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। वर्ष 2021-22 में पहली किस्त के रुप में 1.50 करोड़ रुपये मिले, जबकि दूसरी किस्त में 1.52 करोड़ रुपये मिलने थे। मगर आज तक नहीं मिलने से भवन अधूरा है। यह भवन जनवरी 2023 में बनकर तैयार होना था। मगर बजट नहीं मिलने से काम अधर में लटका हुआ है।
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संडवा चंडिका में खर्च हो गए अधिक रुपये
संडवा चंडिका में भवन निर्माण कराने वाले ठेकेदार ने इस उम्मीद में अधिक रुपये लगा दिए कि दूसरी किस्त आने पर हिसाब हो जाएगा। ब्लाक भवन निर्माण के लिए वर्ष 2021-22 में 3.02 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। 1.50 करोड़ रुपये पहली किस्त में मिले, जबकि दूसरी किस्त में 1.52 करोड़ रुपये मिलने थे। हालांकि ठेकेदार ने अब तक खिड़की दरवाजा नहीं लगवाया है। अफसरों का कहना है कि अब दूसरी किस्त आने की उम्मीद नहीं है। यह भवन एक जनवरी 2023 को विभाग को हस्तांतरित किया जाना था।
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कुंडा ब्लाक भवन के लिए मिले थे दो करोड़ रुपये
कुंडा ब्लाक भवन निर्माण के लिए वर्ष 2021-22 में 2.13 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। पहली किस्त के रूप में 1.13 करोड़ रुपये मिले थे, दूसरी किस्त में एक करोड़ रुपये मिलने थे। मगर अब तक दूसरी किस्त नहीं मिलने से निर्माण कार्य लटका हुआ है। एक जनवरी 2023 को यह भवन बनकर तैयार हो जाना था।
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अधूरे भवनों का निर्माण पूरा करने के लिए शासन से दूसरी किस्त की मांग की गई है। अभी बजट नहीं मिला है। धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य प्रारभ किया जाएगा।
- राकेश प्रसाद , जिला विकास अधिकारी