नवाबगंज के आलापुर रेलवे क्रासिंग के करीब शनिवार की रात सहज जनसेवा केंद्र संचालक आलोक पांडेय की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने सगे भाइयों और उनके पिता के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ कर लिया है। जिलाधिकारी से बात करने के बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के आलापुर मजरे बिबियापुर निवासी आलोक पांडेय की रविवार की रात मानिकपुर स्थित सहज जनसेवा केंद्र से लौटते समय आलापुर रेलवे क्रासिंग के करीब गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम के बाद रविवार की देर रात शव पहुंचने पर परिजनों व ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई, एक करोड़ की आर्थिक मदद, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और शस्त्र लाइसेंस की मांग को लेकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजन नवाबगंज थानाध्यक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
सोमवार की सुबह एसडीएम कुंडा सतीशचंद्र त्रिपाठी और सीओ कुंडा अजीत सिंह चार थानों की फोर्स और पीएसी के साथ गांव पहुंचे, लेकिन घरवाले डीएम-एसपी को बुलाने की जिद पर अड़े थे। इस बीच एसडीएम कुंडा ने मृतक के मामा लालजी त्रिपाठी व उनके अधिवक्ता सौरभ शुक्ला से डीएम डॉ. नितिन बंसल की बात कराई। तब जाकर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
मृतक के पिता राजेंद्र पांडेय की तहरीर पर पुलिस ने मानिकपुर (अलीगंज ) के रहने वाले तबरेज उर्फ तब्बू उसके भाई जीशान और पिता दिलशाद उर्फ गुड्डू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। करीब नौ बजे कालाकांकर घाट पर पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। सीओ कुंडा अजीत सिंह ने बताया कि व्यवसायिक रंजिश में हत्या की बात सामने आने पर मुख्य आरोपी तबरेज को हिरासत में ले लिया गया है। उसके भाई व पिता की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।
एक दिन पहले हुआ था विवाद, मिली थी धमकी
आलोक पांडेय के पिता ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि 15 जुलाई को उसके बेटे को तबरेज, उसके भाई व पिता ने कारोबार को लेकर धमकाया था। आलोक ने इसकी जानकारी दी थी।
कालाकांकर घाट पर पहुंचे एमएलसी
कालाकांकर घाट पर सहज जनसेवा केंद्र संचालक आलोक पांडेय के शव के अंतिम संस्कार के दौरान विधान परिषद सदस्य अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी भी पहुंचे। उन्होंने परिवार के लोगों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।