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Pratapgarh News: फर्जी पैरामेडिकल कॉलेज संचालक की संपत्ति होगी जब्त

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फर्जी पैरामेडिकल कॉलेज और विद्यार्थियों को दी गई डिग्री की जांच कर रही एसआईटी अब संचालक की संपत्ति जब्त करने की तैयारी में है। इसके लिए सोमवार को टीम कार्यालय से लेकर तहसील और बैंक में छानबीन कर साक्ष्य एकत्र करती रही। सेंटर खुला रहा लेकिन कर्मचारी नहीं आए। हालांकि जेल भेजे गए संचालक आशीष यादव के मोबाइल की काल डिटेल संग मैसेज की मदद से टीम साक्ष्य जुटाते हुए आगे कदम बढ़ा रही है।
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संग्रामगढ़ के लोकैयापुर मनगढ़ निवासी आशीष कुमार यादव ने अपने घर के करीब ही गेटवे कॉलेज ऑफ फाॅर्मेसी एंड मेडिकल कॉलेज नाम का संस्थान खोल रखा था। संस्थान के जरिए परीक्षाओं में फेल छात्रों को पास कराने और कम फीस में डीफाॅर्मा, बीफाॅर्मा समेत विभिन्न कोर्स व डिप्लोमा कराने के लिए प्रवेश लिया जाता रहा। इसके बदले विद्यार्थियों से मोटी रकम वसूली जाती थी। गत दिनाें विद्यार्थियों की शिकायत पर एसपी डॉ. अनिल कुमार ने जांच कराई तो फर्जीवाड़े की जांच परत दर परत खुलती चली गई। एक के बाद कई मुकदमे आशीष व उसके सहयोगियों के खिलाफ महेशगंज, संग्रामगढ़, मानिकपुर व हथिगवां में दर्ज किए गए। दर्ज मुकदमों में ही दूसरे विद्यार्थियों की तहरीर भी शामिल की जाने लगी। करीब तीन सौ छात्र व छात्राएं अब तक जालसाजी का शिकार बन चुके हैं। सीओ लालगंज रामसूरत सोनकर के नेतृत्व में गठित एसआईटी टीम अब जांच का दायरा आगे बढ़ाते हुए साक्ष्य संकलित कर रही है। सोमवार को भी टीम सेंटर पहुंची। इसके बाद आशीष व उसके परिवार के लोगों के खातों की जांच करने अलग-अलग बैंक व जमीन की खरीद फरोख्त की छानबीन करने तहसील पहुंची। सेंटर मुख्य गेट खुला था लेकिन भीतर कोई नहीं मिला। सीओ रामसूरत सोनकर ने बताया कि इस तरह के मुकदमे में साक्ष्यों को एकत्र करना अहम होता है। एसआईटी टीम के सदस्य अलग-अलग स्थानों पर साक्ष्य संकलित कर रहे हैं। झांसा देकर बनाई गई संपत्ति का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वालों पर कार्रवाई का दायरा अभी और बढ़ेगा।
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