आजादी के बाद पहली बार गांवों को समद्ध बनाने वाला बजट आया है। बजट में गरीबों, मजदूरों, महिलाओं व बेरोजगारों के लिए सरकार ने खजाना खोलकर यह दिखाया है कि वह अपने वादों के अनुरूप कार्य कर रही है। 2019 तक सभी गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सरकार ने करीब 19 हजार करोड़ का बजट दिया है। ये बातें कौशाम्बी सांसद विनोद सोनकर ने डाक बंगले में सुनवाई करते हुए कहीं।
कहा कि पहली बार केंद्र सरकार ने मनरेगा में 38500 करोड़ का बजट रखा है। 2020 तक सभी खेतों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य सरकार ने रखा है। त्रिभुवन नाथ मिश्र टंडन, शिवमूर्ति मिश्रा, सतीश चौरासिया, अभय प्रताप सिंह, सरोज त्रिपाठी, भूपेद्र पांडेय, राजन शुक्ला, वेद, वृजकिशोर तिवारी, अंतलाल सेनकर, जज कुमार, इंद्रनारायण पांडेय, लल्लू राम भारती, अरविंद्र शुक्ला, संतोष तिवारी आदि मौजूद रहे।