शिक्षकों ने उठाई नई शिक्षा नीति वापस लेने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। उप्र विश्वविद्यालय और महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के महामंत्री डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने नई शिक्षा नीति को निजीकरण और निगमीकरण को बढ़ावा देने वाली कहकर इसे इसे वापस लेने की मांग की है।
शहर के एमडीपीजी कॉलेज में हुई बैठक में डॉ प्रदीप ने कहा कि यह जबरदस्ती थोपी जा रही है, इससे शिक्षा का बाजारीकरण होगा। इसके लागू होने पर उच्च शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो जाएगी। शिक्षा महंगी हो जाएगी। फीस में बेतहाशा बढ़ोत्तरी होगी। इससे गरीब बच्चों के लिए शिक्षा हासिल करना मुश्किल होगा। अध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार तिवारी ने तदर्थ नियुक्तियों को बंद करके स्थाई नियुक्ति करने की मांग की है। उन्होंने 13 सितंबर को दिल्ली में आयोजित रैली में अधिक से अधिक संख्या में साथियों से प्रतिभाग करने को कहा है। इस मौके पर प्रो. संतोष कुमार पांडेय और प्रो. पीयूषकांत शर्मा आदि उपस्थित रहे।