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प्रतापगढ़ : मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य आर्यदेश दीपक हटाए गए , डॉ. सलिल को मिली कमान

Sat, 31 Dec 2022 10:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

शासन ने डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आर्यदेश दीपक को शिकायतों के चलते हटाकर हरदोई मेडिकल भेजा है। उनके स्थान पर सिद्घार्थनगर से डॉ. सलिल श्रीवास्तव को कमान सौंपी है।
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Pratapgarh News : डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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शासन ने डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आर्यदेश दीपक को शिकायतों के चलते हटाकर हरदोई मेडिकल भेजा है। उनके स्थान पर सिद्घार्थनगर से डॉ. सलिल श्रीवास्तव को कमान सौंपी है। आदेश मिलते ही प्रधानाचार्य डॉ. आर्य देशदीपक कार्यभार दूसरे को सौंपते हुए हरदोई के लिए रवाना हो गए। डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज की 7 मई 2021 को कमान संभालने वाले प्रधानाचार्य डॉक्टर आर्यदेश दीपक कार्यप्रणाली को लेकर काफी चर्चा में रहे।
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कर्मचारी से लेकर सत्ता दल के नेता तक उनके कार्यों से खिन्न रहते थे। कर्मचारियों ने तो प्रधानाचार्य के खिलाफ आंदोलन भी चलाया था। मुख्यमंत्री को भी शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाए थे। कर्मचारियों की समस्याओं को देखते हुए सदर विधायक राजेंद्र मौर्य ने भी शासन में शिकायत की थी।

शासन ने शनिवार को डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य पद से हटाते हुए डॉ. आर्यदेश दीपक को हरदोई मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित कर दिया। उनके स्थान पर सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर सलिल श्रीवास्तव को भेजा है। तबादला आदेश आते ही प्रधानाचार्य डॉ. आर्यदेश दीपक  मेडिकल कॉलेज के डॉ. सरोज के प्रसाद को चार्ज देकर हरदोई के लिए रवाना हो गए।
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पूर्व सीएम अखिलेश ने किया ट्वीट, अस्पतालों में न स्ट्रेचर न व्हील चेयर

डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में अव्यवस्था को लेकर शनिवार के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। मरीजों की समस्याओं को देखते हुए अमर उजाला में प्रकाशित खबर को सपा मुखिया व पूर्व सीएम ने संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम पर तंज कसते हुए निशाना साधा। पूर्व सीएम ने समाचार पत्र में प्रकाशित खबर को ट्वीट करते हुए लिखा कि अस्पतालों में न स्ट्रेचर न व्हील चेयर है।

बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को जिम्मेदार बताया। मुख्यमंत्री दौरा करते हैं तो दिखावे के लिए। मरीजों को स्ट्रेचर पर ले जाया जाता है। मगर उनके जाते ही तीमारदार मरीज को गोद में उठाने को मजबूर हो जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्देश है कि गंभीर मरीजों को वार्ड ब्वाय स्ट्रेचर से इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाएंगे। इमरजेंसी वार्ड के बाहर स्ट्रेचर भी रखे गए हैं। वार्ड ब्वॉय मरीजों को स्ट्रेचर से लेकर वार्ड तक नहीं जाते। शुक्रवार को मरीजों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा था।
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